हीनयानः तु बोधस्य बोध भाषा विलुप्यते– आनंद शास्त्री
– सम्माननीय मित्रों ! प्रागैतिहासिक तथ्यों के आधार पर हिन्द महासागर से सुदूर देश और सभ्यताओं में जनवरी और फरवरी के मास नहीं थे ! उनमें अधिकांशतः ने भचक्र के अनुसार ! अवकहणा चक्रानुसार ! द्वादश राशियों की सूर्य संक्रांति अनुसार ! भारतीय वाङ्गमय के विद्वानों से परामर्श किया ! एवं आकाश अर्थात अम्बर के … Read more