अंतर्मन से होता है प्रसन्नता का आविर्भाव (जीवन चिंतन) — सुनील कुमार महला

प्रसन्नता या खुशी मानव की एक सकारात्मक भावना है। वास्तव में, जब किसी व्यक्ति की किसी प्रकार की इच्छा की पूर्ति हो जाती है तो वह व्यक्ति विशेष बहुत ही खुश होता है। कहना ग़लत नहीं होगा कि इच्छाओं के अनुकूल काम होने पर व्यक्ति प्रसन्नता या खुशी का अनुभव करता है। इसके अलावा, किसी … Read more

संस्कृत भाषा: भारत की आत्मा पर प्रहार स्वीकार नहीं डॉ. रणजीत कुमार तिवारी

संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक विरासत और बौद्धिक संपदा की आधारशिला है। यह न केवल वेदों, उपनिषदों, महाकाव्यों और शास्त्रों की संवाहक रही है, बल्कि यह भारत की समस्त ज्ञान-परंपरा की जननी भी है। संस्कृत भाषा का प्रत्येक शब्द विज्ञान, दर्शन, कला, चिकित्सा, गणित और साहित्य के गहनतम रहस्यों … Read more

बचा जा सकता है मानव निर्मित आपदा से ! – सुनील कुमार महला

15 फरवरी 2025 की रात नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ मचने से 15 लोगों की मौत हो गई, यह बहुत ही दुखद है। मरने वालों में 11 महिलाएं, दो पुरुष और दो बच्चे शामिल बताए जा रहे हैं। हादसे में 15 लोग घायल हो गए, जिन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। दरअसल, प्रयागराज … Read more

तुम्हारा निर्णय – तुम्हारा भविष्य — बबिता बरा

मुझे पता है कि कोई भी मेरी कहानी पढ़ने के लिए उत्सुक नहीं है, और न ही मेरे पास कोई सफलता की गाथा है। कई बार मैं खुद को खो चुका हूँ। दूसरे शब्दों में कहें तो हार गया हूँ, लेकिन हर बार दोगुनी ऊर्जा के साथ वापस लौटा हूँ। प्रतियोगिताएँ ऐसी ही होती हैं … Read more

दिल्ली भाजपा की जीत में मुस्लिम मतों का मिथक- अवधेश कुमार

दिल्ली भाजपा की जीत में मुस्लिम मतों का मिथक- अवधेश कुमार भाजपा जब भी कोई चुनाव जीती है मुस्लिम मतों को लेकर विश्लेषण सामने आते हैं। दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के साथ टीवी चैनलों से लेकर समाचार पत्रों, वेबसाइटों ,यूट्यूब चैनलों पर ऐसी ध्वनियां निकल रही है कि मुसलमानों के एक बड़े … Read more

मनुष्य के पतन का कारण है अहंकार ! — सुनील कुमार महला

आज मनुष्य में अहंकार, बल, घमंड, कामना, क्रोध और दूसरों की निंदा करने की भावना लगातार प्रबल होती जा रही है, जो मनुष्य के लिए ठीक नहीं है। मनुष्य में इन सभी दुर्गुणों के कारण ही आज मनुष्य का साक्षात्कार ईश्वर से नहीं हो पा रहा है। वास्तव में ये सभी मनुष्य के पतन का … Read more

बदलती जीवनशैली और ओबेसिटी (मोटापे) की समस्या ! — सुनील कुमार महला

पहले की तुलना में आज मनुष्य की जीवनशैली में आमूलचूल परिवर्तन आए हैं। आज मनुष्य की जीवनशैली इतनी व्यस्त हो गई है कि मनुष्य के पास अपने स्वास्थ्य के लिए भी समय नहीं बचा है। कहा गया है ‘स्वास्थय ही मनुष्य का सबसे बड़ा धन है।’ लेकिन आज मनुष्य अपने स्वास्थ्य का सही तरीके से … Read more

नौका पूजा को लेकर छह साल पहले हुई पुलिस गोलीबारी और जनता का आक्रोश – लेखक — मनोज मोहंती, वरिष्ठ पत्रकार

मागुरा घाट की नौका पूजा दसवें वर्ष में प्रवेश। लेकिन इस वर्ष, नौका पूजा केवल मागुरा घाट तक सीमित नहीं रही, बल्कि जुमटिला में भी एक और नौका पूजा अनुष्ठित हो रहा है।। हालांकि, इस नौका पूजा को लेकर छह साल पहले हुई पुलिस गोलीबारी और जनता के आक्रोश में निबिया पुलिस चौकी जलाकर खाक … Read more

किताबों को साथी बनाकर तो देखिए — डॉ. सत्यवान सौरभ

युवा पीढ़ी में इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से किताबों में दिलचस्पी कम होती जा रही है। फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सऐप और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की वजह से देश के युवाओं की पढ़ने की आदत में तेजी से बदलाव आ रहा है। स्मार्टफोन और लगभग मुफ्त इंटरनेट सेवाओं के प्रसार ने आदत बदलने की … Read more

रोबोट हमारे परिवार का हिस्सा बन सकते हैं? — डॉ. आर. बी. चौधरी

विज्ञान की निरंतर प्रगति और अकल्पनीय अनुसंधान से समूचा विश्व तेजी से बदल रहा है। आबादी की चुनौतियों के बीच घटती प्रजनन दर और घटती जन्म दर जैसी समस्याएं आधुनिक विज्ञान से टक्कर लेने के लिए तैयार हैं। ऐसी हालत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को एक संभावित समाधान के रूप में देखा जा रहा है। … Read more