सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर सवाल — राधा रमण 

सामुदायिक विकास और शिक्षा में सुधार के लिए रैमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित गांधीवादी व्यक्तित्व के धनी, पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले करीब 10 दिनों से जोधपुर की सेन्ट्रल जेल में कैद हैं। दरअसल, 24 सितंबर को लेह में हुई हिंसा भड़काने के आरोप में 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत वांगचुक … Read more

राष्ट्र-चिंतन  राष्ट्रभक्ति जगाती रहेगी संघ की सक्रियता व जीवंतता*           —   आचार्य श्रीहरि

राष्ट्रीय स्वयं संघ के सौ साल पूरे होने के उपलक्ष्य में एक डाकटिकट जारी किया है, यह एक सम्मान प्रक्रिया है, सहज अभिव्यक्ति है, सत्ता का सम्मान है, जनता की जागरूकता का प्रतीक है और भविष्य की पीढी के लिए प्रेरक तत्व है। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महान दृष्टि है, समर्पण है और कृतज्ञता … Read more

मौत का सिरप: जवाबदेही से भागता तंत्र !

नकली दवाएं बनाना और बेचना केवल अपराध नहीं, पाप है।यह वह कुकर्म है जो जीवन देने के नाम पर मृत्यु बाँटता है।लाभ की लालसा जब संवेदनाओं पर भारी पड़ती है, तब इंसानियत मर जाती है।बीमार की आशा को छलना मानवता का सबसे बड़ा अपमान है।ऐसे स्वार्थी लोग समाज और मानवता दोनों के शत्रु हैं।दवा नहीं, … Read more

सत्याग्रही एक राजनीतिक महात्मा 

गांधी जयन्ती पर विशेष आलेख  “””””””””””””””””””””””‘”‘”””’””””””””””””””””””””‘”” सत्याग्रही एक राजनीतिक महात्मा  “”””””””””””””‘”‘”””’””””””””””””‘”””””””””’””””””‘”””” आज मैं उस महान विभूति पर अपना मत प्रकट कर रहा हूँ, जो गुजरात की राजकोट रियासत के दीवान की धर्मपत्नी की कोख से जन्मा था, एक अनुमान से कहा जा सकता है कि अपने पिता के दीवान पद पर आसीन होने से जिसे … Read more

‘मन की बात’ कैसे बनी जन जन की बात..!! -संजीव शर्मा

(3 अक्टूबर को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 11 साल पूरे होने पर विशेष लेख) ‘मन की बात’ कैसे बनी जन जन की बात..!! -संजीव शर्मा हर रविवार को सुबह 11 बजे आकाशवाणी और दूरदर्शन से लेकर विभिन्न संचार माध्यमों पर गूंजने वाली आवाज ‘मेरे प्यारे देशवासियों’ अब न केवल मासिक मंत्र बन गई है … Read more

असीम ऊर्जा की प्रतीक देवी दुर्गा — प्रमोद भार्गव

भारत में देवी की पूजा वैदिक युग में ही आरंभ हो गई थी। ऋग्वेद के देवी सूक्तम में सभी देवताओं की आंतरिक षक्ति की बात कही गई है, जो ऊर्जा की प्रतीक है। हरिवंष पुराण में कालरात्रि, निद्रा और योगमाया के समन्वित रूपों के बारे में बताया है कि जब भगवान विश्णु नींद में होते हैं, तब देवी … Read more

राष्ट्र-चिंतन अरब-मुस्लिम नाटो गठन की विफलता — आचार्य श्रीहरि

अरब-मुस्लिम नाटो गठन का सपना अधूरा रह गया। पाकिस्तान, तुर्की और हमास का प्रयास विफल हो गया। कतर खुद पीछे हट गया। इस्लामिक सहयोग संगठन की गोलबंदी भी कोई काम नहीं आयी। अरब लीग और इस्लामिक सहयोग संगठन क्या सिर्फ हाथी के दांत है, गुब्बारे की हवा हैं, मंच पर सिर्फ बैठ कर शैखी बघारने … Read more

25 सितंबर, 2025 पितृपक्ष की पावन यात्रा : गया और बौद्ध सर्किट – रत्नज्योति दत्ता

नई दिल्ली – हिंदू धर्म में पुनर्जन्म पर आस्था गहरी है और पितृपक्ष के पखवाड़े में बिहार के पवित्र नगर गया में यह आस्था सबसे जीवंत रूप में प्रकट होती है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु फल्गु नदी के तट पर एकत्र होकर अपने पूर्वजों के लिए पिंडदान और श्राद्धकर्म संपन्न करते हैं। शास्त्रों के अनुसार … Read more

चुनावी खर्च पर दलों की जवाबदेही ज़रूरी: कुरैशी  

चुनावी खर्च पर दलों की जवाबदेही ज़रूरी: कुरैशी   पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस.वाई. कुरैशी ने कहा कि भारत में लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए राजनीतिक दलों को चुनावी खर्चों का हिसाब देना होगा। उन्होंने अपनी नई पुस्तक डेमोक्रेसीज़ हार्टलैंड के विमोचन पर कहा कि प्रत्याशियों पर खर्च की सीमा है लेकिन दलों पर नहीं, … Read more

मानवरत्न : भारतरत्न भुपेनदा -उमेश खंडेलिया

मानवरत्न : भारतरत्न भुपेनदा  – उमेश खंडेलिया धेमाजी      डॉ. भूपेन हजारिका—एक ऐसा नाम, जो असम और भारत की सांस्कृतिक स्मृति में संगीत के महाकाव्य की तरह अंकित है। सुधाकंठ, असमरत्न और साहित्याचार्य की उपाधियों से विभूषित यह व्यक्तित्व केवल गायक ही नहीं, बल्कि कवि, गीतकार, फिल्मकार और समाज-चिंतक भी थे। 1926 में सदिया … Read more