अरुणाचल की धरती से जन्मी एक लिपि की अद्भुत गाथा। — समराज चौहान
कभी-कभी एक व्यक्ति का छोटा-सा संकल्प पूरे समाज की पहचान बन जाता है। यही कहानी है अरुणाचल प्रदेश के बनवांग लोसु की, जिन्होंने यह सिद्ध कर दिखाया कि लिपि बनाना सिर्फ अक्षरों का आकार तय करना नहीं होता, बल्कि वह एक समुदाय की आवाज़, अस्मिता और आत्मसम्मान का पुनर्जन्म होता है।अरुणाचल प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर … Read more