उधारबंद, काछार, 02 नवंबर: काछार जिले के शालगंगा अंतर्गत टिकलपार जीपी क्षेत्र में 7 लाख 80 हजार रुपये का कर्ज वापस नहीं करने के आरोप को लेकर इलाके में सनसनी फैल गई है। मामले के निपटारे के लिए स्थानीय स्तर पर एक न्यायसभा का आयोजन किया गया, लेकिन आरोपों के घेरे में आए व्यक्ति के उपस्थित नहीं होने से सभा में मौजूद लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित सिद्धार्थ राय शर्मा का आरोप है कि सुमित कुमार दास ने उनसे 7 लाख 80 हजार रुपये उधार लिए थे। इसके बदले जमीन गिरवी रखकर निर्धारित समय सीमा के भीतर रकम लौटाने की शर्त पर एक लिखित इकरारनामा भी किया गया था।
आरोप है कि निर्धारित समय बीत जाने के बावजूद अब तक उक्त राशि वापस नहीं की गई। लंबे समय से मामला लंबित रहने के कारण इसके समाधान के उद्देश्य से टिकलपार जीपी क्षेत्र में न्यायसभा बुलाई गई थी।
इस सभा में टिकलपार जीपी की अध्यक्ष शंकरी बागती, क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों एवं स्थानीय लोग उपस्थित थे। पीड़ित सिद्धार्थ राय शर्मा ने सभा के समक्ष अपनी बात रखते हुए बकाया रकम वापस दिलाने की मांग की।
हालांकि, मामले में आरोपित सुमित कुमार दास के न्यायसभा में उपस्थित नहीं होने से लोगों में आक्रोश फैल गया। स्थानीय लोगों का दावा है कि सुमित कुमार दास अमराघाट से आकर शालगंगा में नया मकान बनाकर रह रहे हैं, लेकिन कर्ज की 7.80 लाख रुपये की राशि अब तक वापस नहीं की गई है।
न्यायसभा में चेतावनी दी गई कि यदि आगामी कुछ दिनों में आयोजित होने वाली अगली सभा में सुमित कुमार दास उपस्थित होकर मामले का समाधान नहीं करते हैं, तो उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की दिशा में कदम उठाया जाएगा।
फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना होगा कि अगली न्यायसभा में इसका समाधान निकलता है या फिर मामला कानूनी प्रक्रिया तक पहुंचता है।