आखिर धार्मिक बातों पर संदेह क्यों ?
आर्यिका श्री के मुखारविंद से निकली वाणी का विवेचन सन्तों ने आज की पीढ़ी को हमारे पूर्वजो द्वारा कही गई धार्मिक बातों पर संदेह करने को अनुचित ठहराया है। उन्होंने कहा कि बहुत से लोग मूल आगम या दर्शन पढ़े बिना केवल सुनी सुनाई बातों के आधार पर अपनी राय बना लेते है। जैन परंपरा … Read more