असम की वार्षिक बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करे केंद्र, प्रभावित जिलों के पुनर्वास के लिए विशेष पैकेज दे सरकार”: गणेश पासवान

अखिल असम भोजपुरी परिषद ने उठाई स्थायी समाधान की मांग, शिवसागर, चैराइदेव और जोरहाट में राहत कार्य जारी होने का दावा

शिव कुमार शिलचर/शिवसागर। असम में हर वर्ष आने वाली विनाशकारी बाढ़ को राष्ट्रीय स्तर की समस्या घोषित करने और प्रभावित जिलों के लिए विशेष आर्थिक पैकेज जारी करने की मांग को लेकर अखिल असम भोजपुरी परिषद ने केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। परिषद के केंद्रीय महासचिव गणेश पासवान ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि असम की बाढ़ अब केवल मौसमी संकट नहीं, बल्कि एक गंभीर राष्ट्रीय चुनौती बन चुकी है। इसका स्थायी और वैज्ञानिक समाधान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान बाढ़ ने विशेष रूप से शिवसागर, चैराइदेव और जोरहाट जिलों में व्यापक तबाही मचाई है। हजारों परिवार बेघर हो गए हैं, खेती-किसानी को भारी नुकसान पहुंचा है और बड़ी संख्या में लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। ऐसी स्थिति में केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर युद्धस्तर पर राहत, पुनर्वास और दीर्घकालिक समाधान की दिशा में कार्य करना चाहिए।

गणेश पासवान ने आरोप लगाया कि असम की बाढ़ समस्या को वह प्राथमिकता नहीं मिल रही है जिसकी यह हकदार है। उन्होंने कहा कि देश के अन्य राज्यों में प्राकृतिक आपदा आने पर केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी तत्काल प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करते हैं, लेकिन असम में लगातार गंभीर स्थिति बने रहने के बावजूद अपेक्षित स्तर पर केंद्रीय सक्रियता दिखाई नहीं दी। उनका कहना था कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन संकट की घड़ी में जनता को उसी स्तर का सहयोग नहीं मिल पाता।

उन्होंने बताया कि अखिल असम भोजपुरी परिषद बाढ़ के पहले दिन से ही अपने जिला एवं आंचलिक समितियों के माध्यम से राहत कार्यों में जुटी हुई है। परिषद के कार्यकर्ता प्रभावित परिवारों तक भोजन, पेयजल, आवश्यक सामग्री और अन्य राहत सहायता पहुंचाने के साथ-साथ लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का कार्य भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मानवीय सेवा परिषद की प्राथमिकता है और यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

महासचिव ने मांग की कि बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को बिना किसी देरी के सरकारी मुआवजा दिया जाए। जिन परिवारों के घर, फसल और पालतू पशुओं का नुकसान हुआ है, उन्हें भी शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से जल निकासी के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाए ताकि लोग जल्द अपने घरों में लौट सकें और भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचा जा सके।

गणेश पासवान ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि असम में हर वर्ष आने वाली बाढ़ को राष्ट्रीय समस्या घोषित कर इसके स्थायी समाधान के लिए वैज्ञानिक योजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि जब तक दीर्घकालिक रणनीति नहीं बनेगी, तब तक हर वर्ष लाखों लोगों को इसी तरह की त्रासदी झेलनी पड़ेगी।

सोशल मीडिया पर भोजपुरी समाज को लेकर की जा रही कुछ टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि आपदा की घड़ी में समाज को बांटने वाली बातों से बचना चाहिए। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और राहत कार्यों में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिवसागर जिला समिति सहित परिषद की विभिन्न इकाइयां लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सेवा कार्य कर रही हैं और भविष्य में भी पूरी निष्ठा के साथ यह अभियान जारी रहेगा।

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