संजय विश्वास का निधन, गहरी शोक संवेदना 

रत्नज्योति दत्ता / नई दिल्ली : शिलचर के एक निजी नर्सिंग होम में आईसीयू में भर्ती अपने प्रिय मित्र संजय विश्वास (लिप्टू) के निधन की खबर रविवार सुबह व्हाट्सऐप पर संदेश के रूप में मिली— “बड़े भैया अब नहीं रहे”। यह संदेश मित्र-मंडली के लिए गहरा आघात लेकर आया। उत्तराखंड के एक केंद्रीय विश्वविद्यालय में … Read more

बराक वैली टी कम्युनिटी वेरिफिकेशन में विवाद तेज, निजी संगठन पर दबाव और भ्रम फैलाने का आरोप

हाइलाकांडी, 23 नवंबर: टीचर रिक्रूटमेंट के लिए टी कम्युनिटी के कैंडिडेट्स के डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन को लेकर बराक वैली में नया विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि एक निजी संगठन, जो पहले टी कम्युनिटी से जुड़े जाति प्रमाणन मामलों में बार-बार शिकायतें दर्ज कर कैंडिडेट्स को दिक्कत में डालता रहा है, अब व्हाट्सऐप के … Read more

असम विश्वविद्यालय में शनिवार को दो सप्ताह तक चले रिफ्रेशर कोर्स का समापन समारोह गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ।

सिलचर, 22 नवम्बर असम विश्वविद्यालय में शनिवार को दो सप्ताह तक चले रिफ्रेशर कोर्स का समापन समारोह गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षणकेंद्र के तत्वावधान में संस्कृत विभाग और समाजकार्य विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस रिफ्रेशर कोर्स की शुरुआत 10 नवम्बर को हुई थी। देश के विभिन्नराज्यों से कुल 106 प्रतिभागियों ने इसमें पंजीकरण कराया था, जिनमें से 96 प्रतिभागी इस कोर्स को सफलता के साथ पूर्ण करने में सक्षम रहे। कार्यक्रम कोहाइब्रिड मोड—ऑनलाइन और ऑफलाइन—दोनों माध्यमों में संचालित किया गया, जिससे देशभर के शिक्षकों और शोधार्थियों को लाभ मिला। कोर्स का केंद्र विषय था ‘Recent Trends and Challenges in Teaching & Research in Language Studies and Social Sciences: An Indian Knowledge System Perspective’। इस विषय के विभिन्न आयामों पर चर्चा करते हुए कुल 48 शैक्षणिक सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं औरविशेषज्ञों ने भारतीय ज्ञान परंपरा, भाषा-अध्ययन, शिक्षण पद्धति, सामाजिक विज्ञानों के समकालीन प्रश्न, अनुसंधान पद्धति, और तकनीकी साधनों के उपयोग परविस्तृत व्याख्यान दिए। सत्रों में संस्कृत, हिन्दी, बंगला, अरबी, शिक्षा विज्ञान, अर्थशास्त्र, इतिहास, पुरातत्त्व, प्रबंधन, समाजकार्य, पांडुलिपि विज्ञान, लाइब्रेरी साइंस, दर्शन, कृत्रिमबुद्धिमत्ता और जनसंचार जैसे विविध क्षेत्रों से विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि भारतीय ज्ञान-विज्ञान परंपरा के आलोकमें आधुनिक शैक्षिक एवं सामाजिक चुनौतियों का समाधान खोजने का प्रयास किया गया। समापन समारोह की अध्यक्षता असम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजीव मोहन पंत ने की। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृतविश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. सिद्धार्थ शंकर सिंह, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में गुरुचरन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. निरंजन रॉय ने शिरकत की। कार्यक्रम में मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र के निदेशक आर. बालकृष्णन, उपनिदेशक अजय कुमार सिंह, IQAC के निदेशक पीयूष पांडे, संस्कृत विभागकी अध्यक्ष डॉ. शांति पोखरेल, तथा समाजकार्य विभाग के अध्यक्ष गंगाभूषण एम. मोलंकल भी उपस्थित रहे। समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ किया गया। इसके बाद अतिथियों का उत्तरीय पहनाकर सम्मान किया गया। कोर्स के सह-संयोजक एवं समाजकार्य विभाग के डॉ कैवल्य देसाई ने दो सप्ताह के कार्यक्रम का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि इस रिफ्रेशरकोर्स ने प्रतिभागियों के लिए भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक शिक्षण-शोध पद्धतियों के मध्य एक सार्थक सेतु का निर्माण किया। प्रतिभागियों ने भी मंच पर अपने अनुभव साझा किए। कई शिक्षकों ने इस रिफ्रेशर कोर्स को अपनी शैक्षणिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया तथा कार्यक्रममें शामिल विविध विषयों और विशेषज्ञों की गहन समझ की प्रशंसा की। मुख्य अतिथि प्रो. सिद्धार्थ शंकर सिंह ने भारतीय ज्ञान परंपरा की वैश्विक प्रासंगिकता और आज के समय में उसके नवपरिप्रेक्ष्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतकी शास्त्रीय ज्ञान-व्यवस्था आज भी अनुसंधान और दर्शन को दिशा देने में सक्षम है। विशिष्ट अतिथि प्रो. निरंजन रॉय ने भारतीय ज्ञान-संस्कारों की चर्चा करते हुए छात्र-केंद्रित शिक्षण पद्धति पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा मेंविद्यार्थियों को केंद्र में रखकर शिक्षण प्रक्रिया का पुनर्गठन आवश्यक है। अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति प्रो. राजीव मोहन पंत ने इस तरह के कोर्सों को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे शिक्षकों और शोधकर्ताओं को नएशैक्षणिक दृष्टिकोण प्राप्त होते हैं। उन्होंने आयोजन समिति की प्रशंसा करते हुए भविष्य में और भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया। समारोह के अंत में कोर्स के सह-संयोजक एवं संस्कृत विभाग के प्रो. गोविंद शर्मा ने ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से जुड़े सभी प्रतिभागियों, विशेषज्ञों औरआमंत्रित अतिथियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दो सप्ताह तक चले इस शैक्षणिक उत्सव ने ज्ञान के अनेक नए द्वार खोले हैं।

23 नवम्बर/जन्म-दिवस चमत्कारी संत सत्यसाईं बाबा 

23 नवम्बर/जन्म-दिवस चमत्कारी संत सत्यसाईं बाबा भारत देवी, देवताओं और अवतारों की भूमि है। यहां समय-समय पर अनेक महापुरुषों ने जन्म लेकर मानवता के कल्याण के लिए अपना जीवन अर्पण किया है। ऐसे ही एक श्रेष्ठ संत थे श्री सत्य साईं बाबा। बाबा का जन्म 23 नवम्बर, 1926 को ग्राम पुट्टपर्थी (आंध्र प्रदेश) के एक … Read more

शिलचर–सौराष्ट्र राष्ट्रीय राजमार्ग का कार्य अगले जनवरी महीने तक पूरा होगा: मंत्री कौशिक रॉय

शिलचर–सौराष्ट्र राष्ट्रीय राजमार्ग का कार्य अगले जनवरी महीने तक पूरा होगा: मंत्री कौशिक रॉय शिलचर–सौराष्ट्र राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य आगामी जनवरी माह के मध्य तक पूरा हो जाएगा। यह जानकारी शनिवार को राज्य के मंत्री कौशिक रॉय ने दी। उन्होंने बालाछड़ा से हरांगाजाओ–हाफलोंग–माहुर–निरिम बंगला तक कुल 62 किलोमीटर लंबे मार्ग के निर्माण कार्य का … Read more

राष्ट्रीय एकीकरण यात्रा दल नई दिल्ली पहुँचा

राष्ट्रीय एकीकरण यात्रा दल नई दिल्ली पहुँचा असम राइफल्स द्वारा आयोजित विद्यार्थियों का दल किया ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण असम राइफल्स की नेशनल इंटीग्रेशन टूर के तहत 18 छात्र और 3 शिक्षक सोमवार को नई दिल्ली पहुँचे। राजधानी पहुंचकर बच्चों ने सबसे पहले इंडिया गेट का भ्रमण किया और उसके बाद नेशनल वॉर मेमोरियल जाकर देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि … Read more

रविन्द्र सदन हाई स्कूल में 7 करोड़ रुपये की नई इमारत का शिलान्यास

रविन्द्र सदन हाई स्कूल में 7 करोड़ रुपये की नई इमारत का शिलान्यास हीरक बनिक, रामकृष्णनगर | 22 नवंबर रामकृष्णनगर विधानसभा के नव–संयुक्त गोबिंदगंज-नगेंद्रनगर ग्राम पंचायत क्षेत्र स्थित पुराने शिक्षण संस्थान रविन्द्र सदन हाई स्कूल में शुक्रवार एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बने स्थानीय लोग। 7 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली स्कूल की नई इमारत … Read more

बेमिसाल बरसेनापति

गुजरना होता है परीक्षाओं से कुछ बनने के लिए कुछ पाने के लिए. लाचित को भी देनी पड़ी थी कई परीक्षा यें बरसेनापति बनने के लिए. बुलंद आवाज में दिया आदेश ‘दौलभारी’ लोंगों को राजा के मन को भा गया. सय्यद साला और सय्यद फिरोज को पकड़ने के बावत राजा ने  की चिन्ता ब्यक्त. कहा … Read more

गुरुचरण विश्वविद्यालय में “नेशन फ़र्स्ट: विकसित भारत की राह” विषय पर व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित

गुरुचरण विश्वविद्यालय में “नेशन फ़र्स्ट: विकसित भारत की राह” विषय पर व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित शिलचर, 22 नवंबर: गुरुचरण विश्वविद्यालय के जनसंपर्क विभाग एवं विकसित भारत शाखा के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार सुबह 10 बजे विश्वविद्यालय सभागार में “Nation First: The Road Ahead for Vikshit Bharat” विषय पर एक विशेष व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम … Read more

एनआईटी सिलचर के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रबंधन में एक सप्ताहव्यापी कार्यशाला संपन्न

एनआईटी सिलचर के सिविल इंजीनियरिंग विभाग ने 18 से 22 नवंबर तक “जल संसाधन मॉडलिंग और प्रबंधन में हालिया कम्प्यूटेशनल प्रगति” (आरसीए-डब्ल्यूएमएम 2025) शीर्षक एक सप्ताह व्यापी कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला को राष्ट्रीय अनुसंधान प्रतिष्ठान (एनआरएफ), जिसे पहले एसईआरबी के नाम से जाना जाता था, भारत सरकार द्वारा व्यावसायिक निकायों और संगोष्ठियों के … Read more