कहानी : ” बनारसी साड़ियां “
— मनोज कुमार ओझा आधी रात बीतने को है, और मैं फेसबुक पर बैठा लिख रहा हूँ, जाहिर है न तो कमैंट्स की अभिलाषा है न लाइक्स पाने की ललक. बस मन को हल्का करने के लिये लिख रहा हूँ. वैसे भी अब मेरी जिंदगी मेँ है ही क्या जो आपलोग मुझे लाइक करें और … Read more