शब्दवीणा की ‘आया सावन झूम के’ काव्यगोष्ठी में पढ़ी गयीं मनभावनी सावनी रचनाएँ,अनवरत जारी रहेगी शब्दवीणा की साहित्यिक यात्रा – पुरुषोत्तम तिवारी
बहकी-बहकी पुरवैया है, सावन का मस्त महीना है कोई गाता है कजरी, तो कोई मल्हार सावन में। कोलकाता, 21 जुलाई। राष्ट्रीय साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था शब्दवीणा की पश्चिम बंगाल प्रदेश इकाई की “आया सावन झूम के” मासिक काव्यगोष्ठी कोलकाता के प्रतिष्ठित बड़ाबाजार कुमारसभा पुस्तकालय में शब्दवीणा के राष्ट्रीय परामर्शदाता एवं पश्चिम बंगाल प्रदेश संरक्षक पुरुषोत्तम … Read more