जोरहाट: जोरहाट जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने एकीकृत जिला आयुक्त कार्यालय के सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में आपदा न्यूनीकरण के उपायों का आकलन करने, पिछली बैठक के निर्णयों की समीक्षा करने तथा बाढ़ से हुए नुकसान के आकलन और विभिन्न विभागों के प्रस्तावों पर चर्चा की गई।
बैठक की अध्यक्षता जोरहाट के जिला आयुक्त जय शिवानी ने की। शुरुआत में अतिरिक्त जिला आयुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की मुख्य कार्यकारी अधिकारी बिपांची दत्ता ने उपस्थित सभी लोगों का स्वागत किया।
बैठक के दौरान दत्ता ने जोरहाट जिले के विभिन्न राजस्व चक्रों में बाढ़ से हुए नुकसान पर एक विस्तृत पावरपॉइंट प्रस्तुति दी। इस आकलन में कृषि, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अंतर्गत सड़कों, पंचायत एवं ग्रामीण विकास से संबंधित बुनियादी ढांचे, आंगनवाड़ी केंद्रों तथा अन्य क्षेत्रों को हुए नुकसान का विवरण शामिल था।
बैठक में पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। इसके साथ ही आपदा की तैयारियों और आपदा न्यूनीकरण के उपायों को मजबूत बनाने तथा विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई।
बैठक में मरियानी के विधायक रूपज्योति कुर्मी और टीयक के विधायक विकास सैकिया उपस्थित रहे। इसके अलावा जोरहाट और तिताबर विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों के प्रतिनिधि, टीयक और मरियानी के सह-जिला आयुक्त, राजस्व चक्र अधिकारी, सहायक आयुक्त, खंड विकास अधिकारी, विभिन्न विभागों के प्रमुख तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के जिला एवं क्षेत्रीय स्तर के अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
बैठक के समापन के दौरान यूनिसेफ के जोरहाट जिला तकनीकी सहायक ने जिले के बाढ़ प्रभावित परिवारों को गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) और नागरिक समाज संगठनों (सीएसओ) द्वारा प्रदान की गई सहायता एवं सहयोग पर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।
बैठक में बाढ़ से हुए नुकसान की समीक्षा करने तथा प्रभावित समुदायों को राहत और मानवीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न विभागों और संगठनों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।