स्वामी प्रणवानंदजी के आदर्शों पर चलकर युवाओं को संगठित होने का आह्वान
शिलचर, 20 सितंबर। भारत सेवाश्रम संघ के संस्थापक युगाचार्य भगवान स्वामी प्रणवानंदजी के आदर्शों से प्रेरित होकर युवाओं को संगठित करने के उद्देश्य से रविवार को शिलचर में पहली बार भारत सेवाश्रम संघ के युवा सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का आयोजन शाम 4 बजे मालिनीबिल स्थित भारत सेवाश्रम संघ के कार्यालय में हुआ।
दीप प्रज्वलित कर सम्मेलन का शुभारंभ भारत सेवाश्रम संघ, उत्तर-पूर्वांचल के मुख्य संगठक श्रीमद् स्वामी साधनानंद महाराज तथा भारत सेवाश्रम संघ के चारण दल के प्रमुख एवं युवा सम्मेलन के आयोजक श्रीमद् स्वामी तत्त्वज्ञानानंद महाराज ने किया।
समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ कवि एवं पत्रकार अतीन दास, असम विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. हिमाद्रि शेखर दास, गुरुचरण विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. समर्पण नाथ तथा शिलचर के पूर्व विधायक दिलीप पाल उपस्थित रहे।
सम्मेलन में विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। वक्ताओं ने स्वामी प्रणवानंदजी के आदर्शों, राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका तथा युवा शक्ति को सकारात्मक एवं संगठित दिशा देने की आवश्यकता पर विचार व्यक्त किए। सम्मेलन के माध्यम से युवाओं से समाज एवं राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी निभाने और स्वामी प्रणवानंदजी के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया गया।