कवि सम्मेलन, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं सम्मान समारोह का हुआ आयोजन
धोलाई, 20 सितंबर। रविवार को धोलाई हिंदी दिवस उद्यापन समिति के तत्वावधान में हिंदी दिवस समारोह धूमधाम एवं उत्साह के साथ मनाया गया। समारोह में हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार, संरक्षण एवं विकास पर वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।
समारोह के मुख्य अतिथि असम विश्वविद्यालय के प्रोफेसर लालन प्रसाद यादव ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदी केवल भारत की प्रमुख भाषा ही नहीं, बल्कि इसे विश्वभाषा के रूप में स्थापित करने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विश्व के विभिन्न देशों में हिंदी के प्रति बढ़ते सम्मान को देखते हुए हिंदी को वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिष्ठित स्थान दिलाने के लिए सभी हिंदीप्रेमियों को आगे आना चाहिए।
मुख्य वक्ता डॉ. अमित कलवार ने कहा कि हिंदी बोलना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी हिंदी को सीखना और दूसरों को सिखाना भी है। उन्होंने कहा कि सभी भारतीय भाषाओं के साथ हिंदी का विकास और विस्तार होना चाहिए।
समारोह के दौरान भव्य कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया गया, जिसका संचालन डॉ. सनी भट्टाचार्य ने किया। कवि सम्मेलन में कमला थापा (सोनार), ज्योत्स्ना पाल, रूमी शुक्ल वैद्य, माया नुनिया, विपाशा शर्मा, डोली साह, किशन कोईरी, चिरंजीत तथा रामकुमार कोईरी सहित अन्य कवियों ने अपनी रचनाओं की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।
इस अवसर पर श्रीमती कमला थापा (सोनार) को हिंदी साहित्य एवं सेवा के क्षेत्र में योगदान के लिए ‘संजीव कोईरी स्मृति सम्मान’ से सम्मानित किया गया। वहीं शिलचर साहित्य संगम परिवार तथा भारतीय भाषा अध्ययन परिषद की ओर से हिंदी सेवा एवं हिंदी भाषा के प्रति समर्पण के लिए साक्षी संजीव राय (शिलचर), लखीनारायण कोईरी एवं रूमी शुक्ल वैद्य को भी सम्मानित किया गया।
समारोह में ‘सोशल मीडिया’ विषय पर एक सामाजिक संदेशपरक नाटक प्रस्तुत किया गया। इसमें जुई कोईरी, अर्पिता कोईरी, गौतम कोईरी, सोनिया नुनिया, सीमा रविदास, पूजा कोईरी, चिरंजीत कोईरी तथा कल्पना कोईरी सहित कलाकारों ने भाग लिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत नृत्य एवं गीतों की आकर्षक प्रस्तुतियां भी हुईं। छठ पूजा के गीत पर नीलम भर, सुमी रविदास, सुमन भर, लक्ष्मी रविदास, प्रियंका, सुमित ग्वाला, पूनम रविदास, पूजा कोईरी एवं चिरंजीत कोईरी ने नृत्य प्रस्तुत किया। इसके अलावा मौमिता कोईरी, जुई कोईरी एवं संतोषी सहित अन्य कलाकारों ने भी विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।
समारोह के दौरान चित्रकला, निबंध प्रतियोगिता सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को समारोह के अंत में पुरस्कार एवं प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में समिति के सदस्यों एवं स्थानीय लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। अंत में आयोजक रामकुमार कोईरी ने समारोह में उपस्थित अतिथियों, कवियों, कलाकारों, प्रतियोगियों एवं सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा समारोह के समापन की घोषणा की।