डिब्रूगढ़ में राज्यपाल ने नशा मुक्त भारत संकल्प पदयात्रा का नेतृत्व किया

डिब्रूगढ़: असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने सोमवार को डिब्रूगढ़ में नशा मुक्त भारत संकल्प पदयात्रा के तीसरे चरण का नेतृत्व किया। उन्होंने युवाओं को नशे की लत से बचाने और नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक एवं निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।

जिला पुस्तकालय में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि पदयात्रा का उद्देश्य असम के सभी वर्गों तक नशामुक्त समाज का संदेश पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों के दुरुपयोग से निपटना केवल कानून प्रवर्तन एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं हो सकती। इसके लिए परिवारों, शैक्षणिक संस्थानों, समुदायों, नागरिक समाज और प्रशासन की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

डिब्रूगढ़ को असम के इतिहास, विरासत और विकास का एक महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए आचार्य ने कहा कि जिले के युवाओं में राज्य के भविष्य को आकार देने की अपार क्षमता है। उन्होंने युवाओं से स्वस्थ, अनुशासित और उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने तथा अपनी ऊर्जा और आकांक्षाओं को राष्ट्र निर्माण की दिशा में लगाने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के विजन का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए स्वस्थ, आत्मविश्वासी और सशक्त युवा आबादी आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से नशा मुक्त भारत अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया।

महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव की जयंती के अवसर पर राज्यपाल ने गुरूजना को श्रद्धांजलि अर्पित की और युवाओं से मानवता, करुणा, अनुशासन, भक्ति और सदाचरण की उनकी शिक्षाओं से प्रेरणा लेने का आग्रह किया।

राज्यपाल ने विशेष रूप से अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों के साथ प्रेम, विश्वास और खुले संवाद का वातावरण बनाए रखें तथा उनकी चिंताओं, संगति और गतिविधियों पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए जागरूकता, रोकथाम, सामुदायिक भागीदारी और युवाओं को आवश्यक सहयोग प्रदान करना बेहद महत्वपूर्ण है।

जनसभा के बाद राज्यपाल आचार्य ने जिला पुस्तकालय परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने चौकीडिंगी मैदान की ओर जाने वाली पदयात्रा का नेतृत्व किया।

पदयात्रा में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, एनसीसी कैडेटों, शैक्षणिक एवं सामाजिक संस्थानों के प्रतिनिधियों, गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ), सेवानिवृत्त सशस्त्र बल कर्मियों, नागरिक समाज के सदस्यों, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों तथा जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने भाग लिया।

इससे पहले डिब्रूगढ़ के जिला आयुक्त विक्रम कैरी ने पदयात्रा में शामिल प्रतिभागियों को नशा मुक्त भारत संकल्प की शपथ दिलाई।

कार्यक्रम में ट्रांसफॉर्मेशन एंड डेवलपमेंट मंत्री रामेश्वर तेली, राज्यसभा सांसद तेराश गोवाला, विधायक बिनोद हजारिका और चक्रधर गोगोई, डिब्रूगढ़ नगर निगम के महापौर डॉ. सैकत पात्रा, डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जितेन हजारिका, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव अभिजीत दिलीप, असम पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष ऋतुपर्ण बरुआ तथा जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी एवं विभिन्न सामाजिक और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

राज्यपाल ने डिब्रूगढ़ के लोगों की उत्साहपूर्ण भागीदारी की सराहना की और सभी वर्गों से जागरूकता एवं रोकथाम के संदेश को आगे बढ़ाने तथा स्वस्थ एवं नशामुक्त असम के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

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