‘नन्हे सपनों की उड़ान’ के तीन वर्ष पूरे, सेवा और सामाजिक सरोकारों का कारवां जारी

चित्रकला एवं हस्तशिल्प प्रतियोगिता में करीब 400 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा, स्वतंत्रता दिवस पर रैली और कैंसर जागरूकता कार्यक्रम भी

प्रेरणा भारती, निहार कांति राय, उधारबंद :
सपनों को हकीकत में बदलने और समाज के जरूरतमंद वर्गों तक सेवा का हाथ पहुंचाने के संकल्प के साथ उधारबंद के कुछ युवाओं द्वारा गठित सामाजिक-सांस्कृतिक संस्था ‘नन्हे सपनों की उड़ान’ ने अपने तीन वर्ष पूरे कर लिए हैं और अब चौथे वर्ष में प्रवेश करने जा रही है।

15 अगस्त 2023 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर गठित इस संस्था ने अपने अल्पकालिक सफर में बिना किसी प्रचार-प्रसार के अनेक सामाजिक एवं जनकल्याणकारी कार्य किए हैं। संस्था की ओर से इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भी विभिन्न कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जा रही है।

कार्यक्रमों की शुरुआत रविवार को जे.सी. गर्ल्स हाई स्कूल में आयोजित चित्रकला एवं हस्तशिल्प प्रतियोगिता से हुई। प्रतिकूल मौसम के बावजूद प्रतियोगिता में लगभग 400 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता को पांच विभिन्न वर्गों में आयोजित किया गया।

प्रतियोगिता के दौरान असम विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग के प्रोफेसर डॉ. गणेश नंदी ने आयोजन स्थल पर पहुंचकर प्रतिभागियों से मुलाकात की तथा उनके कला-कौशल का अवलोकन किया।

इस अवसर पर संस्था की सदस्य अभिनंदिता पाल ने बताया कि तीन वर्षों के दौरान संस्था ने दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों, महिलाओं और जरूरतमंद लोगों के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को पढ़ाई के लिए पुस्तकें, कॉपियां और लेखन सामग्री उपलब्ध कराने के साथ-साथ जरूरतमंद परिवारों को त्योहारों के अवसर पर वस्त्र भी प्रदान किए गए हैं। संस्था ने अनेक जरूरतमंद लोगों की विभिन्न स्तरों पर सहायता भी की है।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष ग्रामीण एवं दूरदराज के क्षेत्रों की महिलाओं में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सेनेटरी नैपकिन का वितरण किया जाएगा। इसके अलावा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से मोमबत्ती निर्माण का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

संस्था की ओर से 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एक विशाल जागरूकता रैली निकाली जाएगी, जिसमें विभिन्न सामाजिक एवं जनजागरूकता संबंधी संदेश दिए जाएंगे। वहीं 16 अगस्त को ब्लॉक सभागार में कैंसर जागरूकता कार्यक्रम एवं रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा।

प्रतियोगिता के समापन के बाद पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में असम विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग के प्रोफेसर डॉ. गणेश नंदी उपस्थित थे। अन्य अतिथियों में शालगंगा की कला शिक्षिकाएं मौमिता दास और पूजा दास, शिक्षक सौरभ दास, उधारबंद के पराग भट्टाचार्य, मुकुंद चक्रवर्ती और निहार कांति राय शामिल थे।

मुख्य अतिथि डॉ. गणेश नंदी ने ‘नन्हे सपनों की उड़ान’ के सामाजिक कार्यों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि उधारबंद कला और संस्कृति के क्षेत्र में बेहद समृद्ध एवं उर्वर क्षेत्र है। संस्था के नाम का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ‘नन्हे सपनों की उड़ान’ केवल सपनों की कल्पना नहीं, बल्कि उन सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास है।

चित्रकला प्रतियोगिता के संबंध में उन्होंने कहा कि प्रतिभागियों ने अपनी कल्पनाशक्ति और विचारों को अपनी कलाकृतियों के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि सभी प्रतिभागियों की कला में अलग-अलग सोच और रचनात्मकता दिखाई दी, जिसके कारण निर्णायक के रूप में निर्णय लेना उनके लिए आसान नहीं था।

उन्होंने पुरस्कार से वंचित रह गए प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि पुरस्कार नहीं मिलने का अर्थ यह नहीं है कि उनकी कला अच्छी नहीं थी। सभी बच्चों को अपनी रचनात्मक यात्रा जारी रखनी चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से भी बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देने का आग्रह किया।

इसके बाद मुख्य अतिथि डॉ. गणेश नंदी सहित अन्य अतिथियों और संस्था के पदाधिकारियों ने विजयी प्रतिभागियों के बीच पुरस्कार वितरित किए।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में संस्था के उपाध्यक्ष राजेश धर, सचिव कोनाल दास, संयुक्त सचिव शुभजीत पाल, कोषाध्यक्ष लव दास, सांस्कृतिक सचिव तोषार लस्कर तथा क्रीड़ा सचिव अक्षय ब्रह्मचारी सहित अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

तीन वर्षों के छोटे से सफर में सामाजिक सेवा, कला-संस्कृति, महिला सशक्तीकरण और जनजागरूकता को अपने कार्यों का आधार बनाकर ‘नन्हे सपनों की उड़ान’ ने क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

Leave a Comment