श्रावण के चौथे सोमवार पर सिद्धेश्वर शिवमंदिर में हुआ भव्य रुद्राभिषेक

आर्ट ऑफ लिविंग शिलचर शाखा के आयोजन में श्रद्धालुओं ने की भगवान शिव की आराधना

शिलचर, 10 अगस्त। श्रावण मास के चौथे सोमवार के पावन अवसर पर सोमवार को ऐतिहासिक श्रीश्री सिद्धेश्वर शिवमंदिर परिसर में आर्ट ऑफ लिविंग, शिलचर शाखा के तत्वावधान में भव्य शिव पूजा एवं रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया। सुबह से दोपहर तक चले धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साह और श्रद्धा के साथ भाग लिया।

स्वामी आत्मचैतन्य जी के नेतृत्व में पुरी से आए पंडित सुशांत पांडा एवं मृत्युंजय पांडा ने सनातन धार्मिक विधि-विधान के अनुसार रुद्राभिषेक, मंत्रोच्चार एवं शिव पूजन संपन्न कराया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

कार्यक्रम के शुभारंभ में आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। स्वामी आत्मचैतन्य जी ने कहा कि श्रीश्री रविशंकर जी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध मानवतावादी, आध्यात्मिक गुरु और शांति के दूत हैं। उन्होंने 1981 में आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन की स्थापना कर योग, ध्यान और तनावमुक्त जीवन के माध्यम से विश्वभर में मानव कल्याण का संदेश पहुंचाया है।

इस अवसर पर आर्ट ऑफ लिविंग बराक घाटी के ग्रामीण समन्वयक एवं योगाचार्य श्यामलाल दास सहित डॉ. शुभेंदु शेखर सेन, पुलक भट्टाचार्य, पूर्व अध्यापिका डॉ. कंकना नाथ, योग प्रशिक्षक निलय दास, जीवन दास, नंदा शर्मा, मैनाक दास, अरुंधती देव राय, मधुमिता बनर्जी, जीवन नाग, सुस्मिता कर एवं जय दे सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

रुद्राभिषेक के दौरान मंदिर परिसर वैदिक मंत्रोच्चार और भक्ति के वातावरण से गूंज उठा। पंडितों के मार्गदर्शन में श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से शिव आराधना एवं ध्यान किया। अनुष्ठान के समापन पर सभी श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किया गया।

आयोजकों के अनुसार, धार्मिक आयोजन का उद्देश्य सनातन आध्यात्मिक परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाने के साथ समाज में शांति, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ावा देना था। आयोजन के दौरान धार्मिक आस्था और सामाजिक एकजुटता का सुंदर दृश्य देखने को मिला।

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