1. शिलचर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को मिली नई रफ्तार, बराक घाटी के विकास को मिलेगा नया आयाम
अमृता सिन्हा | शिलचर | 7 जुलाई
शिलचर और समूची बराक घाटी के लिए राहतभरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने प्रस्तावित शिलचर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार के साथ प्रयास तेज कर दिए हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से मुलाकात कर परियोजना की स्वीकृति प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया।
प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण से बराक घाटी की हवाई संपर्क व्यवस्था पहले से अधिक सुदृढ़ होने की उम्मीद है। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी आसान होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक हवाई अवसंरचना विकसित होने से क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा, स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
यदि परियोजना को समय पर सभी आवश्यक स्वीकृतियां मिल जाती हैं, तो आने वाले वर्षों में यह एयरपोर्ट बराक घाटी की आर्थिक प्रगति, पर्यटन और क्षेत्रीय संपर्क को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
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2. श्रीगंगानगर गैंगरेप मामला: 12 आरोपी गिरफ्तार, वारदात से जुड़े होटलों पर प्रशासन की कार्रवाई
देवश्री ग्वाला | शिलचर
राजस्थान के श्रीगंगानगर में 13 वर्षीय नाबालिग से कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस और प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में कुल 32 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, पीड़िता को बहला-फुसलाकर विभिन्न होटलों में ले जाया गया, जहां उसके साथ कथित रूप से अपराध किया गया। इसके बाद प्रशासन ने उन होटलों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाया, जहां घटना से जुड़े होने के आरोप हैं।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है तथा उसके बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के विरुद्ध अपराध के मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
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3. शिलचर–इम्फाल राष्ट्रीय राजमार्ग पर 10 दिनों से फंसे हजारों ट्रक, चालकों की बढ़ी मुश्किलें
शिलचर
शिलचर–इम्फाल राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-37) पर पिछले लगभग 10 दिनों से करीब 5,000 मालवाहक ट्रकों के फंसे होने से परिवहन व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। ट्रकों की लंबी कतार फुलरताल से जिरीघाट तक फैली हुई बताई जा रही है।
फंसे हुए ट्रक चालक, सहचालक और हेल्पर भोजन, स्वच्छ पेयजल तथा शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। पुलिस सुरक्षा के बीच प्रतिदिन सीमित संख्या में वाहनों को आगे भेजा जा रहा है, लेकिन अधिकांश ट्रक अब भी असम–मणिपुर सीमा के निकट रुके हुए हैं।
इस बीच, शिलचर ट्रक ड्राइवर्स एसोसिएशन प्रभावित चालकों को भोजन और पेयजल उपलब्ध करा रहा है। संगठन ने प्रशासन से शीघ्र आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा राजमार्ग पर यातायात सामान्य करने की मांग की है।
लंबे समय तक ट्रकों के फंसे रहने से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और व्यापारिक गतिविधियों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
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4. सड़क पर मोबाइल का इस्तेमाल बढ़ा रहा हादसों का खतरा, विशेषज्ञों ने दी सावधानी बरतने की सलाह
लिपि सिंह | शिलचर
मोबाइल फोन आज जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है, लेकिन सड़क पर चलते समय या वाहन चलाते हुए इसका उपयोग लगातार दुर्घटनाओं का कारण बन रहा है। यातायात विशेषज्ञों के अनुसार, मोबाइल पर बातचीत, संदेश पढ़ने या सोशल मीडिया देखने से चालक और पैदल यात्री दोनों का ध्यान सड़क से भटक जाता है, जिससे हादसों की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ सेकंड की असावधानी भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। कई मामलों में चालक समय पर ब्रेक नहीं लगा पाते, जबकि मोबाइल में व्यस्त पैदल यात्री सड़क पार करते समय दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं।
यातायात विभाग ने लोगों से अपील की है कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग बिल्कुल न करें। यदि किसी आवश्यक कॉल का उत्तर देना हो, तो पहले सुरक्षित स्थान पर वाहन रोकें। साथ ही सड़क पार करते समय भी मोबाइल देखने से बचें।
विशेषज्ञों का कहना है कि यातायात नियमों का पालन और थोड़ी-सी सतर्कता अनेक दुर्घटनाओं को रोक सकती है। सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।