पुलिस कार्रवाई के दौरान चिरी नदी में कूदे युवक का शव बरामद, क्षेत्र में भारी आक्रोश।

चंद्रशेखर ग्वाला शिलचर, 15 जून: कछार जिले के लखीपुर क्षेत्र के वार्ड नं -1 स्थित श्मशान रोड निवासी 32 वर्षीय मोहित कानू का शव सोमवार दोपहर चिरी नदी से बरामद किया गया। रविवार को नंदचांद पुल के समीप पुलिस कार्रवाई के दौरान नदी में छलांग लगाने के बाद वह लापता हो गए थे।

 प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोहित कानू पेशे से एक डिलीवरी बॉय थे और अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में दो वर्ष का एक पुत्र, वृद्ध माता-पिता सहित कुल सात सदस्य हैं, जिनका भरण-पोषण मुख्य रूप से उन्हीं पर निर्भर था।

घटना के बाद लखीपुर थाना पुलिस तथा एनडीआरएफ की टीम ने नदी में व्यापक तलाशी अभियान चलाया। सोमवार को घटनास्थल से कई किलोमीटर दूर चिरी नदी से उनका शव बरामद किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई के दौरान कुछ युवक पुलिस से बचने के लिए नदी में कूद गए थे। अन्य युवक किसी तरह तैरकर किनारे पहुंच गए, लेकिन मोहित कानू नदी में बह गए और लापता हो गए थे।

 शव बरामद होने के बाद जब पुलिस उसे पोस्टमार्टम के लिए शिलचर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रही थी, तब क्षेत्र में तनाव फैल गया। स्थानीय लोगों ने पुलिस के प्रति रोष व्यक्त करते हुए शव को लखीपुर ले गए तथा घटना के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की।

घटना के विरोध में हजारों लोग एकत्र होकर प्रदर्शन करने लगे। स्थिति तनावपूर्ण होने पर जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में आरोपित दो पुलिसकर्मियों—संतोष विश्वास और कागाल रोंगमाई—को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त दो पुलिस कमांडो के विरुद्ध भी संबंधित कमांडेंट को रिपोर्ट भेजी गई है तथा उनके खिलाफ आवश्यक विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद मामले की विस्तृत जांच कर कानून के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। पुलिस के आश्वासन के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हुई।

इस घटना को लेकर पूरे क्षेत्र में गहरा आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई तो कर रहा है, लेकिन क्षेत्र में कथित रूप से चल रहे अवैध तीर और शराब कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण नहीं कर पा रहा है। लोगों ने मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

स्थानीय नागरिकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने कहा है कि यदि पुलिस कार्रवाई के कारण यह दुखद घटना हुई है, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही मृतक के परिवार को उचित मुआवजा, आर्थिक सहायता तथा दीर्घकालिक सुरक्षा प्रदान करने की भी मांग उठाई गई है।

मोहित कानू क्षेत्र में सामाजिक कार्यों और जनआंदोलनों में सक्रिय भागीदारी के लिए जाने जाते थे। उनके परिचितों के अनुसार वे मिलनसार और लोकप्रिय युवक थे। उनकी असामयिक मृत्यु से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की पारदर्शी जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए और पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि न्यायसंगत कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र के लोग लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

Leave a Comment