गुवाहाटी विश्वविद्यालय की फीस वृद्धि के विरोध में छात्रों का प्रदर्शन, निर्णय वापस लेने की मांग
गुवाहाटी, 1 जून: गुवाहाटी विश्वविद्यालय द्वारा हाल ही में की गई फीस वृद्धि के विरोध में सोमवार को छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय लोकतांत्रिक छात्र संगठन (एआईडीएसओ) की असम राज्य परिषद के आह्वान पर अपराह्न 3 बजे उलूबाड़ी में आयोजित इस विरोध-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से फीस वृद्धि का निर्णय तत्काल वापस लेने, कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों को पर्याप्त सरकारी अनुदान उपलब्ध कराने, आवश्यक संख्या में स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति करने तथा शैक्षणिक संस्थानों के बुनियादी ढांचे के विकास को सुनिश्चित करने की मांग की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एआईडीएसओ असम राज्य परिषद के सचिव हेमंत पेगु ने कहा कि विश्वविद्यालय की फीस बढ़ाने का निर्णय गरीब और निम्न-मध्यम वर्गीय परिवारों के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना और अधिक कठिन बना देगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी अनुदान की कमी और स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति न होने को आधार बनाकर छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना पूरी तरह छात्र-विरोधी कदम है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 लागू होने के बाद से सरकारी शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है और शिक्षा के व्यावसायीकरण को बढ़ावा मिल रहा है। बिना पर्याप्त तैयारी और आवश्यक संसाधनों के स्नातक स्तर पर चार वर्षीय पाठ्यक्रम लागू करना भी छात्रों के हितों के खिलाफ है।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार से प्रत्येक सेमेस्टर में विद्यार्थियों को प्रवेश का अवसर सुनिश्चित करने, बढ़ी हुई फीस को वापस लेने, स्थायी शिक्षकों की शीघ्र नियुक्ति करने तथा शिक्षा क्षेत्र में सरकारी निवेश बढ़ाने की मांग की।
इस प्रदर्शन में एआईडीएसओ असम राज्य परिषद के सह-अध्यक्ष पल्लव पेगु तथा परिषद अध्यक्ष हिल्लोल भट्टाचार्य सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी और छात्र कार्यकर्ता उपस्थित थे।
छात्र संगठन ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं की गई तो राज्यभर में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।