शिलचर, 5 जुलाई: शिलचर स्थित आरई अस्पताल में मणिपुर निवासी एक मरीज के इलाज को लेकर बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया और कई समाचार माध्यमों में एकतरफा व भ्रामक जानकारियां प्रसारित की जा रही हैं। इसमें कहा गया कि मरीज की जानकारी या अनुमति के बिना डॉक्टर ने उसके गुप्तांग का एक हिस्सा काट दिया। अब इस पूरे मामले में डॉक्टर ईडन सिन्हा और अस्पताल प्रशासन ने सामने आकर पूरी सच्चाई स्पष्ट की है।
डॉ. ईडन सिन्हा के अनुसार, 19 मई 2025 को ऑपरेशन हुआ, लेकिन इससे लगभग तीन सप्ताह पहले ही मरीज आतिकुर रहमान के परिवार ने उनसे संपर्क किया था। मरीज के गुप्तांग में एक बड़ा ट्यूमर था, जिसकी वजह से मूत्र मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया था और पेट फूलने लगा था। प्रारंभिक जांच के बाद डॉक्टर ने उन्हें सलाह दी थी कि बेहतर इलाज के लिए वे किसी बड़े अस्पताल में जाएं, लेकिन परिवार ने ज़िद कर यहीं इलाज कराने का अनुरोध किया।
18 मई को मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए विशेष प्रक्रिया द्वारा पेट से मूत्र निकाला गया, जिससे उसे अस्थायी राहत मिली। उसी दिन मरीज के परिवार ने डॉक्टर से साफ-साफ कहा कि “उसे इस पीड़ा से मुक्त करने के लिए जो करना ज़रूरी हो, वो किया जाए।” डॉक्टर ने फिर से अन्य अस्पताल जाने की सलाह दी, लेकिन वे नहीं माने।
अगले दिन मरीज को भर्ती किया गया और गहन जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि मूत्र मार्ग के एक हिस्से में कठोरता आ चुकी है, जिससे मूत्र प्रवाह संभव नहीं था। डॉक्टर ने जब बताया कि उस हिस्से को काटना पड़ सकता है, तब भी परिवार ने पूरी सहमति जताई।
ऑपरेशन spinal anesthesia के तहत हुआ, यानी मरीज का केवल कमर से नीचे का हिस्सा सुन्न किया गया था, और वह पूरे ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर से संवाद में था। जिस हिस्से को काटा गया, उसे खुद मरीज को दिखाया गया। करीब तीन सेंटीमीटर हिस्से को हटाया गया, जिसके बाद मूत्र प्रवाह सामान्य हो गया।
डॉक्टर ने बताया कि ऑपरेशन के बाद उस हटाए गए हिस्से को जांच के लिए भेजा गया, जिसमें कैंसर की पुष्टि हुई। इसके बाद मरीज के परिवार को कैंसर के संभावित खतरे के बारे में समय पर सूचित किया गया। लेकिन वे कई बार जानबूझकर तब आए जब डॉक्टर शहर में नहीं थे, जबकि बार-बार उन्हें तुरंत कैंसर केंद्र में जाकर इलाज शुरू करने की सलाह दी गई। दुख की बात है कि वे अब तक बराक घाटी के किसी भी कैंसर ट्रीटमेंट सेंटर नहीं पहुंचे हैं।
इस बीच, मरीज की ओर से मामला दर्ज कराया गया है, जिसमें लगाए गए आरोप को डॉक्टर और अस्पताल प्रशासन ने निराधार बताया है। पुलिस ने आरई अस्पताल से मामले से जुड़े दस्तावेज मांगे थे, जो तुरंत उपलब्ध करा दिए गए हैं।
डॉक्टर ईडन सिन्हा की पत्नी स्वयं कैंसर की मरीज हैं, और इलाज के लिए उन्हें अक्सर दूसरे राज्यों में जाना पड़ता है। इसके बावजूद उन्होंने मरीज के इलाज में कोई कोताही नहीं बरती।
अस्पताल प्रबंधन ने कहा:
“हम मरीज की पीड़ा को समझते हैं और पूरी सहानुभूति रखते हैं। हम चाहते हैं कि वह जल्द स्वस्थ हों और कैंसर का इलाज समय पर शुरू करें।”
प्रेषक:
डॉ. ईडन सिन्हा
आरई अस्पताल, शिलचर