32वें राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस 2026 का प्रतिवेदन

**स्थान:** पीएम श्री विद्यालय जवाहर नवोदय विद्यालय, श्रीभूमि, असम

**दिनांक:** 5 अक्टूबर 2026

पीएम श्री विद्यालय जवाहर नवोदय विद्यालय, श्रीभूमि में **32वें राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस 2026** का आयोजन दिनांक 5 अक्टूबर  को दो दिवसीय समारोह का उद्घाटन उत्साह, उमंग एवं गरिमापूर्ण वातावरण में किया गया। इस दो दिवसीय आयोजन में सिलचर क्लस्टर के अंतर्गत शिलांग क्षेत्र से संबद्ध **21 विद्यालयों** ने सक्रिय रूप से भाग लिया। विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा, रचनात्मकता, नवाचार एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

## उद्घाटन समारोह

कार्यक्रम का **उद्घाटन समारोह 5 अक्टूबर 2026** को पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, श्रीभूमि के परिसर में आयोजित किया गया। समारोह का शुभारंभ **दीप प्रज्वलन** के साथ हुआ। उद्घाटन समारोह में अनेक प्रतिष्ठित शिक्षाविदों एवं विषय विशेषज्ञों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

इस अवसर पर **श्री प्रवीण चौधरी, प्राचार्य, जवाहर नवोदय विद्यालय, दीना हसाई; श्री बिस्वजीत नाथ, प्राचार्य, आर.के. विद्यापीठ; श्री उज्ज्वल बरभुइयाँ, सहायक प्राध्यापक, एम.एच.सी. कॉलेज; श्री देरहाशेन बसुमतारी, विभागाध्यक्ष, भौतिकी विभाग, पथरकंडी कॉलेज; डॉ. अबुल फज़ल मजूमदार, वनस्पति विज्ञान विभाग, हैलाकांडी; तथा श्री दिलवर खान, सहायक प्राध्यापक, एस.एस. कॉलेज, हैलाकांडी** उपस्थित रहे।

मेजबान विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा **स्वागत गीत एवं मनमोहक नृत्य प्रस्तुति** दी गई। विद्यार्थियों की इन प्रस्तुतियों ने पूरे समारोह में उत्साह एवं उल्लास का वातावरण उत्पन्न किया।

इस अवसर पर **पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, श्रीभूमि के प्राचार्य श्री योगेश कुमार** ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा, तार्किक क्षमता, समस्या-समाधान कौशल तथा नवाचार की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए **राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की उपयोगिता एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में इसके महत्व** पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने, प्रयोगात्मक अधिगम को बढ़ावा देने तथा समाज एवं पर्यावरण से संबंधित समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का संचालन **श्री ओसमान गनी चौधरी, PGT English** द्वारा अत्यंत प्रभावशाली, व्यवस्थित एवं गरिमापूर्ण ढंग से किया गया। उनके कुशल मंच संचालन ने पूरे कार्यक्रम को आकर्षक एवं सुव्यवस्थित बनाए रखा।

## वैज्ञानिक गतिविधियाँ एवं विद्यार्थियों की भागीदारी

दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान सिलचर क्लस्टर के अंतर्गत शिलांग क्षेत्र के **21 विद्यालयों** से आए विद्यार्थियों ने विभिन्न वैज्ञानिक परियोजनाओं, मॉडलों, अनुसंधानात्मक कार्यों एवं नवाचारों का प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा, रचनात्मक सोच, जिज्ञासा एवं प्रस्तुतीकरण कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

इस आयोजन ने विद्यार्थियों को अपने वैज्ञानिक विचारों एवं नवाचारों को प्रस्तुत करने के साथ-साथ अन्य प्रतिभागियों के विचारों से सीखने और नए अनुभव प्राप्त करने का अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में **वैज्ञानिक अभिरुचि, अनुसंधान की भावना, आत्मविश्वास, सहयोग एवं समस्या-समाधान की क्षमता** को प्रोत्साहन मिला।

कार्यक्रम के अंत में **श्री अनवर हुसैन बरभुइयाँ, Senior Most Teacher**, ने सभी गणमान्य अतिथियों, प्रतिभागी विद्यालयों, विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा विद्यालय के सभी शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए **धन्यवाद ज्ञापन** प्रस्तुत किया। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी व्यक्तियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

## निष्कर्ष

**32वें राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस 2026** का आयोजन विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक, ज्ञानवर्धक एवं शैक्षणिक रूप से उपयोगी रहा। 21 विद्यालयों की सक्रिय भागीदारी ने इस आयोजन को विशेष रूप से सार्थक बनाया। इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा एवं नवाचार को प्रदर्शित करने के लिए एक सशक्त मंच प्रदान किया तथा उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण और अनुसंधान की भावना को और मजबूत किया।

सभी गणमान्य अतिथियों, प्रतिभागी विद्यालयों, विद्यार्थियों तथा विद्यालय के **शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों के सामूहिक सहयोग एवं समर्पित प्रयासों** से  उद्घाटन समारोह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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