एक्सपेंडिचर ऑब्ज़र्वर ने चुनाव खर्च मॉनिटरिंग सिस्टम का रिव्यू किया

एक्सपेंडिचर ऑब्ज़र्वर ने चुनाव खर्च मॉनिटरिंग सिस्टम का रिव्यू किया डिब्रूगढ़: आने वाले असम विधानसभा चुनाव 2026 को देखते हुए, नियुक्त एक्सपेंडिचर ऑब्ज़र्वर, श्री पृथ्वीराज, IRS ने आज डिब्रूगढ़ ज़िले में चुनाव खर्च मॉनिटरिंग सिस्टम का पूरा रिव्यू किया। रिव्यू के दौरान, ऑब्ज़र्वर ने चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए बनाए गए रोज़ाना के खर्च … Read more

हाइलाकांदी में मुख्यमंत्री का जोरदार चुनावी अभियान विकास के चार बड़े ऐलान विपक्ष पर तीखा हमला

हाइलाकांदी में मुख्यमंत्री का जोरदार चुनावी अभियान विकास के चार बड़े ऐलान विपक्ष पर तीखा हमला प्रीतम दास हाइलाकांदी ३ मार्च : आनेवाले विधानसभा चुनाव को लेकर हाइलाकांदी में राजनीतिक माहौल गर्म होता जा रहा है। इसी कड़ी में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए असम के मुख्यमंत्री हिम्मत विश्व शर्मा ने जोरदार चुनावी … Read more

गोलाघाट विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार तेज़

गोलाघाट विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार तेज़ गोलाघाट: 103 नंबर गोलाघाट विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार तेज़ हो गया है, जिसमें सत्ताधारी और विपक्षी पार्टियां दोनों ही वोटरों से एक्टिव होकर जुड़ रही हैं। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव क्षेत्र के डिलिमिटेशन की वजह से गोलाघाट विधानसभा क्षेत्र की ज्योग्राफिकल सीमाओं में बड़े बदलाव … Read more

सिबसागर में वोटर अवेयरनेस प्रोग्राम हुआ

सिबसागर में वोटर अवेयरनेस प्रोग्राम हुआ सिबसागर: आने वाले असम लेजिस्लेटिव असेंबली इलेक्शन को देखते हुए, सिबसागर के गरगांव कॉलेज (ऑटोनॉमस) की नेशनल सर्विस स्कीम (NSS) यूनिट ने इको क्लब और गरगांव कॉलेज के इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल (IQAC) की मदद से खानिकर गांव में एक स्पेशल आउटरीच प्रोग्राम किया। इस पहल का मकसद वोटर … Read more

डिब्रूगढ़ में BJP का संकल्प पत्र जारी; बाढ़ और कटाव टॉप प्रायोरिटी: प्रशांत फुकन

डिब्रूगढ़ में BJP का संकल्प पत्र जारी; बाढ़ और कटाव टॉप प्रायोरिटी: प्रशांत फुकन डिब्रूगढ़: असम के कैबिनेट मंत्री और डिब्रूगढ़ के MLA प्रशांत फुकन ने शुक्रवार को आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) का संकल्प पत्र जारी करते हुए कहा कि बाढ़ और कटाव को कम करना राज्य सरकार की … Read more

पाषाण युग की धमकी और आधुनिक दुनिया का डर: मध्य-पूर्व की जंग।

पाषाण युग की धमकी और आधुनिक दुनिया का डर: मध्य-पूर्व की जंग।   -सुनील कुमार महला   मध्य-पूर्व में जंग को चलते हुए एक महीने से भी ज्यादा का समय(34-35 दिन)हो गया है और इस युद्ध के और अधिक लंबा खिंचने से पूरी दुनिया सकते में है।इधर, हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने … Read more

एनआईआईएमएच में सजी भारत की चिकित्सा सभ्यता की कहानी

एनआईआईएमएच में सजी भारत की चिकित्सा सभ्यता की कहानी दिल्ली ब्यूरो / विशेष संवाददाता   हैदराबाद : औपनिवेशिक भारत के अंतिम वर्षों में जन्मी एक दूरदर्शी सोच आज देश के सबसे विशिष्ट शैक्षणिक और सांस्कृतिक संस्थानों में विकसित हो चुकी है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मेडिकल हेरिटेज (NIIMH) आज भारत की समृद्ध चिकित्सा परंपरा का जीवंत दस्तावेज है—जो प्राचीन उपचार पद्धतियों को आधुनिक शोध से जोड़ता है। इस संस्थान की शुरुआत उस ऐतिहासिक भोर समिति (Bhore Committee) से जुड़ी है, जिसने स्वतंत्रता के बाद भारत की स्वास्थ्य योजना की नींव रखी। इस समिति में अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों में प्रसिद्ध चिकित्सा इतिहासकार हेनरी ई. सिगेरिस्ट भी शामिल थे, जिन्होंने भारत में चिकित्सा इतिहास के एक संस्थान की स्थापना का जोरदार समर्थन किया। उनकी सिफारिश को 1946 में सरकार द्वारा नियुक्त एक समिति ने भी स्वीकार किया, जिससे इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल का मार्ग प्रशस्त हुआ। यह विचार 1956 में वास्तविक रूप ले सका, जब आंध्र मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा इतिहास विभाग की स्थापना की गई। उसी वर्ष इसे हैदराबाद स्थानांतरित कर दिया गया। दूरदर्शी विद्वान डी. वी. सुब्बा रेड्डी के नेतृत्व में यह विभाग धीरे-धीरे एक राष्ट्रीय स्तर के शोध, दस्तावेज़ीकरण और शिक्षण केंद्र के रूप में विकसित हुआ। समय के साथ यह संस्थान भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और बाद में केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (CCRAS) जैसे प्रमुख राष्ट्रीय संगठनों से जुड़ा, जिससे इसकी भूमिका और व्यापक होती गई। वर्ष 2009 में भारत सरकार ने इसे औपचारिक रूप से वर्तमान स्वरूप में उन्नत किया। इस तरह के संस्थानों के महत्व को रेखांकित करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा, “भारत की चिकित्सा विरासत केवल गर्व का विषय नहीं है, बल्कि यह ज्ञान की एक जीवित परंपरा है जिसने सदियों से स्वास्थ्य सेवाओं को दिशा दी है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मेडिकल हेरिटेज में 1,000 वर्षों से अधिक पुराने चिकित्सा इतिहास से जुड़े पांडुलिपियों का संरक्षण हमारी पारंपरिक प्रणालियों की गहराई और वैज्ञानिकता को दर्शाता है। SAHI 2.0 जैसी पहलों के माध्यम से हम इस अमूल्य धरोहर को सुरक्षित रखने के साथ-साथ इसे शोधकर्ताओं, चिकित्सकों और वैश्विक समुदाय के लिए सुलभ भी बना रहे हैं। यह प्रयास पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक स्वास्थ्य प्रणाली के साथ जोड़कर एक स्वस्थ भविष्य की दिशा में हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करेगा।” संस्थान के अधिकारियों के अनुसार, इसकी यात्रा स्वयं भारत में चिकित्सा ज्ञान के विकास की कहानी को दर्शाती है—वैदिक उपचार पद्धतियों और शास्त्रीय आयुर्वेद से लेकर औपनिवेशिक काल की आधुनिक चिकित्सा और आज के समन्वित (इंटीग्रेटिव) दृष्टिकोण तक। आज NIIMH एक राष्ट्रीय मंच के रूप में कार्य कर रहा है, जहाँ विद्वान, इतिहासकार और चिकित्सा विशेषज्ञ मिलकर स्वास्थ्य प्रणालियों की उत्पत्ति और विकास पर बहुआयामी शोध कर रहे हैं। जब भारत पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है, तब NIIMH न केवल अतीत को संरक्षित कर रहा है, बल्कि भविष्य के स्वास्थ्य शोध की दिशा भी तय कर रहा है।  

बोड़खोला में भाजपा की ऐतिहासिक सभा, कौशिक राय ने किया जीत का दावा — “40 हजार से अधिक मतों से जीतेंगे किशोर नाथ”

बोड़खोला में भाजपा की ऐतिहासिक सभा, कौशिक राय ने किया जीत का दावा — “40 हजार से अधिक मतों से जीतेंगे किशोर नाथ” ‘शिव कुमार,बोड़खोला विधानसभा क्षेत्र के भोराखाई चाय बागान स्थित जगन्नाथ भवन में आयोजित एक विशाल चुनावी सभा में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता कौशिक राय ने जनसभा को संबोधित करते हुए … Read more

हीनं दुष्यति इति-“हिन्दूः हिन्दी हिन्दुस्थानम्”

हीनं दुष्यति इति-“हिन्दूः हिन्दी हिन्दुस्थानम्” बच्चों ! ऋग्वेद अष्टम मण्लान्तर्गत महर्षि गालव के शिष्य महाराज-“सैन्धव” का उल्लेख प्राप्त होता है,जिन्होंने सिन्धु घाटी में चक्रवर्ती सम्राट की भूमिका दो सौ तीस वर्षों तक निभायी ! आपके साम्राज्य की सीमायें वियतनाम से फारस की खाड़ी अर्थात तथाकथित ईरान पर्यन्त! एवं ऋषि-भूमि(रूस) से उत्तरीय ध्रुव प्रान्त तक विस्तृत … Read more

आलगापुर-काटलीछड़ा में चार प्रमुख चेहरों के बीच कड़ा मुकाबला, चुनाव प्रचार बना ‘लाइव शो’

हाइलाकांदी, 2 अप्रैल:विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही उम्मीदवारों का प्रचार अभियान पूरे जोर-शोर से चल रहा है। इस बार चुनावी मैदान सिर्फ वादों तक सीमित नहीं है, बल्कि वोटरों को आकर्षित करने के लिए नए-नए और अनोखे तरीके अपनाए जा रहे हैं। पूरा चुनावी माहौल अब एक “लाइव शो” जैसा नजर आ रहा है, जिसका … Read more