।। प्रजातंत्र।।

राजशाही कहां खत्म हुई? 

राजधानियों के स्वरूप बदल गए 

प्रजातंत्र की आड़ में 

चंद सामंती गुंडे चमक गए 

प्रजा का शोषण तो आज भी है 

बस शोषण के रूप बदल गए 

फूटपाथ पर पड़े 

नंगे तन और भूखे पेटो से पूछो

आजादी से उन्हें क्या मिला

गुलाम तो आज भी है 

बस मालिकों के चेहरे बदल गए

कोई 65 साल से पंचायत प्रमुख

तो कोई 40 साल से विधायक

तंत्र भी मृतक आश्रित के सहारे 

वायसराय गए तो 

प्रशासन के नाम पर अपने डसने लगे

वर्ष 80 में कुछ तो सोचें 

प्रजातंत्र की जय हो 

प्रजातंत्र की जय हो 

       सुरेन्द्र सिंह पटेल 

      चुनार मीरजापुर उत्तरप्रदेश 

       7007630549

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