हिन्दी विभाग थंग नक्बे काॅलेज में धूमधाम से हिन्दी दिवस  मनाया गया 

# हिंदी की स्थिति सुधारने के प्रयास में हमें अन्य स्थानीय भाषाओं का भी सम्मान, उत्कर्ष साधन आदि  का भी ध्यान रखना होगा– प्रो.शीतांशु कुमार

खेरनी,16 सितंबर, 2026: असम राज्य के अन्यतम पहाड़ी जिला कार्बी आग्लोंग के डकमका में स्थित थंग नक्बे काॅलेज में विभिन्य कार्यसूची के साथ ‘हिन्दी दिवस पालन समारोह का आयोजन किया गया। उक्त हिन्दी दिवस पालन समारोह का आयोजन काॅलेज के हिन्दी विभाग द्वारा काॅलेज के काॅन्फ्रेंस हाॅल में 14 सितंबर सोमवार को सुबह 10.45 बजे आयोजित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में काॅलेज के प्रिंसीपल डाॅ.धनजय नार्जारी के साथ सम्मानित अतिथि के रूप में काॅलेज के वाईस प्रिंसिपल बाबु तेरन, आईक्यूएसी कोऑर्डिनेटर व राजनीति शास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ. एल.आर.चौधरी, लाईब्रेरियन डाॅ क्लारेट क्रोपी, जेंखा काॅलेज हिन्दी विभाग के सहायक प्रो. डाॅ किरन कलिता वही  मुख्य वक्ता के रूप असम विश्वविद्यालय दीफू परिसर हिंदी विभाग के प्रोफेसर एवं अध्यक्ष डाॅ.शीतांशु कुमार, विशेष वक्ता के रूप में कपिली काॅलेज, खेरनी के हिन्दी विभाग के सहायक प्रो.अशोक कुमार चौहान उपस्थित रहे।

   ग्यात हो कि हिन्दी विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ. राजेश कुमार चौहान की अध्यक्षता में आयोजित हिन्दी दिवस पालन समारोह सभा का उद्देश्य व्याख्या हिन्दी विभाग के सहायक प्रो. अनिशा जोहरी ने किया। वही सभा में उपस्थित अतिथियों का परिचय व स्वागत विभाग की छात्रा सावित्री पासवान व नगिना अग्रवाल के अगुवाई में छात्राओं द्वारा असमिया फुलाम गमछा  प्रदान कर किया गया। इसके तुरंत बाद समारोह का औपचारिक शुभारंभ सम्मानित अतिथि के रूप में उपस्थित काॅलेज के वाईस प्रिंसीपल बाबु तेरन द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। उसके बाद पारंपरिक रूप से काॅलेज एन्थम गीत प्रस्तुत करने के साथ ही अतिथियों के स्वागत में “हिन्द देश के निवासी सभी जन एक हैं” नामक गीत छात्र-छात्राओं ने पेश कर लोगों का मन मुग्ध किया।

       सभा दौरान छात्र-छात्राओ के बीच “हिन्दी दिवस एवं राष्टट्रभाषा की प्रासंगिकता” नामक विषय पर एक भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई, जो छात्रों की भाषाई प्रतिभा को दिखाता हैं। सावित्री पासवान ने भाषण प्रतियोगिता में पहला पुरस्कार प्राप्त किया, जबकि तनिसा सरावजी ने निबंध लेखन प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया के साथ कुल छ: विद्यार्थियो को पुरस्कृत किया गया।

      उसके बाद अतिथियो ने भी बारी-बारी से हिन्दी दिवस पालन व हिन्दी भाषा की महत्ता पर अपनी सारगर्भित बातें रखी। मुख्य वक्ता के रूप में अपनी विचारो को रखते हुए प्रो. शीतांशु कुमार ने हिंदी की वर्तमान स्थिति पर लोगों का ध्यान आकर्षित करते हुए बताया कि नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, पाकिस्तान को छोड़कर भी फिजी, मॉरीशस, सूरीनाम, कनाडा आदि देशों में भी कोई व्यक्ति अगर सिर्फ़ हिंदी भाषा की जानकारी रखता है पर भी वहाँ आराम से समय बिताकर आ सकता है। उन्होंने यह जोर देकर कहा कि हिंदी की स्थिति सुधारने के प्रयास में हमें ध्यान रखना है कि अन्य स्थानीय भाषाओं की भी सम्मान, उत्कर्ष साधन आदि हो। सभी भाषाओं के बीच आपसी प्रेम हो। उन्होंने इस बात पर भी ध्यान आकर्षित किया कि हिंदी भाषा की अच्छी ज्ञान प्राप्त करके भी बहुत सारी सरकारी नौकरी हम हासिल कर सकते है । शर्त यह है कि भाषा की पकड़ मजबूत होनी होगी । 

    डॉ किरण कलिता ने कहा कि हिंदी के विद्यार्थी होने के नाते हम सबपर यह विशेष जिम्मेदारी है कि हम इस भाषा के उत्कर्ष के लिए यथासंभव प्रयास करे । विभाग के सभी विद्यार्थी, शिक्षकगण हम सभी हिंदी के एक एक सिपाही है । कलिता के अनुसार असम के स्थानीय भाषाओं में लिखित मूल्यवान पुस्तकों को हिंदी में अनुवाद करके या फिर हिंदी के प्रख्यात गर्न्थो को भी हम स्थानीय भाषाओं में अनुवाद करके इस प्रान्त में हिंदी की स्थिति को और अधिक मजबूत कर सकते है की बात कही।

   विशेष वक्ता  के रूप में उपस्थित अशोक कुमार चौहान ने हिंदी की उत्पत्ति तथा अंग्रेजकालीन समय से भी पहले से जो हिंदी भाषा की प्रयोगिक प्रासंगिकता इस प्रान्त में है उस पर उन्होंने अपनी राय पकट की। हिंदी भारत की वह भाषा है जो किसी फूल की माला के लिए धागे का काम करती है । हिंदी ही वह भाषा है जो इस देश की अनेकता में भी एकता स्थापित किये हुए है । इस विविधता भरी देश को एक बनाकर रखने के लिए हिंदी भाषा ने अपना योगदान बहुत पहले से देकर आ रही है आदि बाते दुहराई।     वही प्रिंसीपल डाॅ.धनजय नार्जारी ने हिन्दी के बढ़ावा पर बल देते हुए छात्र-छात्राओं को हिन्दी के प्रति और जागरूक होने की बात दुहराई। उन्होंने हिन्दी विभाग में विद्यार्थियो की संख्या में सराहनीय बढ़ोत्तरी होने में विभागाध्यक्ष डाॅ. राजेश कुमार चौहान के अथक प्रयास   की सराहना की । साथ ही विभाग द्वारा अपने बलबुते पर प्रत्येक साल की तरह इस बार भी सफल हिन्दी दिवस पालन पर खुशी जाहीर की।

      सभा के अंत में अपने अध्यक्षयी भाषण प्रसंग दौरान हिन्दी विभागाध्यक्ष डाॅ. राजेश कुमार चौहान ने हिन्दी दिवस पालन करने की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि हिन्दी भाषा की महत्ता, विकास या जरूरत को बनाए रखने और इसके विशालकाय इतिहास, साहित्य पर प्रकाश डालने के लिए हर साल पालन किया जाता है। उन्होंने यह भी दुहरायी कि विभिधता में एकता का सूत्रधार बनी हिन्दी पूर्वोत्तर भारत के विभिन्न राज्यों के विशेषकर विभिन्न जनजाति लोगों के मुख से निकलती हिन्दी की ध्वनि एक अलग ही रसास्वाद कराती है, कहा जाय तो गलत नही होगा।

 डाॅ. चौहान ने “जन-जन की भाषा है हिंदी,भारत की आशा है हिंदी, जिसने पूरे देश को जोड़े रखा है, वो मजबूत धागा है हिंदी, हिन्दुस्तान की गौरवगाथा है हिंदी”

 पंक्ती को दूहराते हुए इसके चहुमुखी विकास हित में सभी को सच्चे मन से काम करने की कामना व्यक्त की और उक्त कार्यक्रम को पूर्ण सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी को हार्दिक धन्यवाद ग्यापन कर सभा समापन किया।  

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