हाइलाकांदी के पूर्व विधायक अनवर हुसैन लस्कर के विस्फोटक बयान का कड़ा विरोध, जिला परिषद सदस्य मुमताज़ बेगम ने खोला मोर्चा।

हाइलाकांदी के पूर्व विधायक अनवर हुसैन लस्कर के विस्फोटक बयान का कड़ा विरोध, जिला परिषद सदस्य मुमताज़ बेगम ने खोला मोर्चा।
हाइलाकांदी से सौरजीत धर की रिपोर्ट: १ जनवरी—
हाइलाकांदी जिले के पूर्व विधायक अनवर हुसैन लस्कर को लेकर राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर तीखी बहस शुरू हो गई है। हाल ही में पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से निष्कासित होने के बाद उन्होंने एक के बाद एक विस्फोटक बयान देकर राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। उल्लेखनीय है कि अनवर हुसैन लस्कर एआईयूडीएफ के टिकट पर हाइलाकांदी विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। बाद में पार्टी द्वारा निष्कासित होने के बाद वे कांग्रेस में शामिल हुए और पार्टी के प्रवक्ता बने। इसके बाद पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में उन्हें कांग्रेस से भी निष्कासित कर दिया गया। निष्कासन के बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से दावा किया कि “कांग्रेस में १० से २० लाख रुपये के बदले टिकट बेचे जा रहे हैं” और यह भी कहा कि २०२६ के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस असम में एक भी सीट नहीं जीत पाएगी। यहां तक कि उन्होंने कांग्रेस के भविष्य पर तंज कसते हुए कहा कि २०२६ के चुनाव में कांग्रेस की बस पूरी तरह खाली रहेगी। पूर्व विधायक के इन बयानों से राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। खासकर कांग्रेस खेमे में भारी नाराज़गी है। इस संदर्भ में टिलाबाड़ी-बांदकोना जिला परिषद सदस्य और दक्षिण करीमगंज विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस की संभावित उम्मीदवार मुमताज़ बेगम ने अनवर हुसैन लस्कर के बयानों का कड़े शब्दों में विरोध किया। उन्होंने कहा, “क्या अनवर हुसैन लस्कर असम की राजनीति के ठेकेदार बन गए हैं? कांग्रेस कितनी सीटें जीतेगी, यह तय करने की जिम्मेदारी क्या उन्होंने ले ली है?” मुमताज़ बेगम ने आगे कहा कि कांग्रेस एक विचारधारात्मक पार्टी है, जहां त्याग, संघर्ष और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से नेतृत्व तैयार होता है। उन्होंने टिप्पणी की, “जो लोग व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए बार-बार दल बदलते हैं, वही आज कांग्रेस के खिलाफ झूठा प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के नेतृत्व और कार्यकर्ताओं की एकजुट कोशिशों से २०२६ के चुनाव में पार्टी मजबूत स्थिति बनाएगी और जनता ही इसका करारा जवाब देगी। साथ ही उन्होंने अनवर हुसैन लस्कर के बयानों को “गैर-जिम्मेदाराना और भ्रामक” करार दिया। इस घटना को लेकर हाइलाकांदी समेत पूरे बराक घाटी के राजनीतिक माहौल में और अधिक गर्मी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।।

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