‘हमारा आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’: सेवा संकल्प अभियान में पोषण और प्रारंभिक बाल देखभाल में सामुदायिक भागीदारी पर जोर

[केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा—‘स्वास्थ्य ही धन है’, आंगनवाड़ी केंद्रों के प्रति सामुदायिक जिम्मेदारी बढ़ाने का आह्वान]

डिब्रूगढ़: सेवा संकल्प अभियान और ९वें राष्ट्रीय पोषण माह के तहत रविवार को चबुआ-लाहोवाल के बेटमेला में आयोजित ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम में पोषण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा प्रारंभिक बाल देखभाल को मजबूत करने में समुदाय की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम में शामिल केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के स्वास्थ्य एवं कल्याण को सुनिश्चित करने में सामूहिक जिम्मेदारी की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समुदायों को आंगनवाड़ी केंद्रों को केवल सरकार द्वारा संचालित संस्थान के रूप में नहीं देखना चाहिए, बल्कि इनके प्रभावी संचालन में परिवार और समाज की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

उन्होंने कहा, “हमारा आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी।” केंद्रीय मंत्री ने जोर दिया कि पोषण में सुधार और बच्चों के स्वस्थ विकास की जिम्मेदारी केवल सरकारी एजेंसियों तक सीमित नहीं रह सकती। उन्होंने ‘स्वास्थ्य ही धन है’ के सिद्धांत को रेखांकित करते हुए कहा कि स्वस्थ जनसंख्या ही मजबूत समाज के निर्माण की आधारशिला है।

उन्होंने विशेष रूप से गर्भावस्था और बचपन के शुरुआती वर्षों के दौरान संतुलित पोषण, व्यक्तिगत स्वच्छता और निवारक स्वास्थ्य देखभाल के प्रति जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने परिवारों और समुदायों को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों का अधिक उपयोग करने तथा किचन गार्डन और पोषण वाटिकाओं को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर सब्जियां उगाने से परिवारों के पोषण में सुधार के साथ-साथ स्वस्थ और टिकाऊ खाद्य आदतों को भी बढ़ावा मिलेगा।

केंद्रीय मंत्री ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और आशा कार्यकर्ताओं के कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि ये कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और समुदाय के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हैं।

इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत बेटमेला आंगनवाड़ी केंद्र के दौरे और पोषण वाटिका में पौधरोपण गतिविधि के साथ हुई। अतिथियों ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और लाभार्थियों से बातचीत की तथा केंद्र के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की समीक्षा की।

सभा को संबोधित करते हुए डिब्रूगढ़ के जिला आयुक्त बिक्रम कैरी ने पोषण और प्रारंभिक बाल देखभाल के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था से लेकर बच्चे के जीवन के शुरुआती वर्षों तक का समय उसके दीर्घकालिक स्वास्थ्य और विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और बच्चों की पोषण संबंधी आवश्यकताओं पर निरंतर ध्यान देने का आह्वान किया।

जिला आयुक्त ने आंगनवाड़ी केंद्रों को पोषण, स्वास्थ्य सहायता और प्रारंभिक बाल देखभाल प्रदान करने वाले सामुदायिक संस्थानों के रूप में मजबूत करने के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और आशा कार्यकर्ताओं के कार्यों की सराहना करते हुए सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए निरंतर सामुदायिक भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया।

चबुआ-लाहोवाल के विधायक बिनोद हजारिका ने पोषण और स्वस्थ खान-पान की आदतों के बारे में निरंतर जनजागरूकता के महत्व पर बात की। उन्होंने पोषण अभियान की शुरुआत के बाद से किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि परिवारों के बीच गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और बच्चों की पोषण संबंधी आवश्यकताओं को लेकर जागरूकता बढ़ाई जा रही है।

उन्होंने स्थानीय रूप से उपलब्ध खाद्य पदार्थों, विशेषकर हरी पत्तेदार सब्जियों और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर उत्पादों के महत्व पर जोर दिया तथा समुदायों को किचन गार्डन और पोषण वाटिकाएं विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम में आत्मरक्षा प्रदर्शन के साथ-साथ अन्नप्राशन और पंचामृत समारोह भी आयोजित किया गया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के साथ आयोजित संवाद सत्र में उनके जमीनी स्तर के दायित्वों और अनुभवों पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम का समापन कुपोषण से निपटने और प्रारंभिक बाल विकास को मजबूत करने के लिए सरकारी एजेंसियों, अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं, परिवारों और समुदायों के बीच समन्वित दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता दोहराते हुए हुआ।

कार्यक्रम में निर्वाचित प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, आंगनवाड़ी पर्यवेक्षक एवं कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

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