विधायक ने कहा—सरकार हमेशा रसोइयों के साथ खड़ी रहेगी
गौतम सरकार, रामकृष्णनगर, 12 अक्टूबर : असम में भारतीय जनता पार्टी की सरकार महिलाओं के कल्याण के लिए लगातार विभिन्न योजनाएं लागू कर रही है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार के तीसरे कार्यकाल में भी महिलाओं के हित में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर भाजपा की ओर से एक महीने तक चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत राज्यभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
सरकारी विद्यालयों में वर्षों से सीमित मासिक मानदेय पर कार्यरत रसोइया महिलाओं और उनकी सहायिकाओं के योगदान को सम्मानित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने दुर्गापूजा के अवसर पर उन्हें आर्थिक सहायता एवं अभिनंदन पत्र प्रदान करने की पहल की है।
इसी क्रम में सोमवार को रामकृष्णनगर कॉलेज के सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में विधायक विजय मालाकार ने 1,361 रसोइया महिलाओं एवं सहायिकाओं के हाथों में 1,000 रुपये के चेक तथा मुख्यमंत्री की ओर से जारी अभिनंदन पत्र सौंपे।
इस अवसर पर विधायक विजय मालाकार ने कहा कि मुख्यमंत्री के सेवा संकल्प अभियान के तहत भारतीय जनता पार्टी की सरकार राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में अनेक जनकल्याणकारी कार्यक्रम चला रही है। समाज की सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कर्मियों, पर्यवेक्षकों तथा सरकारी विद्यालयों में मध्याह्न भोजन तैयार कर विद्यार्थियों को भोजन उपलब्ध कराने वाली रसोइया महिलाओं और सहायिकाओं के प्रति मुख्यमंत्री ने आभार व्यक्त किया है।
उन्होंने कहा कि ये सभी लोग अपने-अपने कार्यक्षेत्र में निष्ठा और परिश्रम के साथ सेवाएं दे रहे हैं। उनके योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने एक छोटी-सी आर्थिक सहायता के साथ अभिनंदन पत्र भेजा है। इसी पहल के तहत आज लाभार्थियों के बीच चेक और अभिनंदन पत्र वितरित किए गए।
कार्यक्रम में रामकृष्णनगर शिक्षा खंड के खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी रहीम उद्दीन लस्कर, रामकृष्णनगर नगरपालिका की अध्यक्ष प्रतिमा नाथ, रामकृष्णनगर कॉलेज के प्राचार्य अर्जुन देवनाथ, रामकृष्ण विद्यापीठ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य विश्वजीत नाथ, शिक्षक शीतलेन्दु नाथ, समरजीत विश्वास, धनंजय नाथ, श्यामल नाथ, वार्ड आयुक्त प्रीतम पाल सहित अन्य शिक्षक एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।