शिलचर से रानू दत्ता की रिपोर्ट। शिलचर टाउन क्लब मैदान में शुक्रवार को सांस्कृतिक न्यास द्वारा आयोजित श्रीश्री दुर्गा पूजा का विधिवत शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर विचार गोष्ठी, स्मारिका के पूजा विशेषांक का विमोचन तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण 150 कंठों से सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन रहा।
आयोजक समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. निरंजन राय ने कहा कि समाज के सभी वर्गों के लोगों को साथ लेकर दुर्गोत्सव मनाने के माध्यम से सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना का प्रसार करना ही सांस्कृतिक न्यास का मुख्य उद्देश्य है।
मुख्य अतिथि एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक शशिकांत चौथाईवाले ने कहा कि देश के विभिन्न क्षेत्रों में शक्ति उपासना की परंपराओं में भिन्नता होने के बावजूद इनके माध्यम से सांस्कृतिक एकता की अभिव्यक्ति होती है। भारत सेवाश्रम संघ के गुणसिंधु महाराज ने देवी दुर्गा के साथ कार्तिकेय, गणेश, लक्ष्मी और सरस्वती की उपस्थिति को समाज के विभिन्न वर्गों के बीच पारस्परिक सहयोग का प्रतीक बताया। उन्होंने समाज में अशांति फैलाने वाली शक्तियों के विरुद्ध संगठित होने का आह्वान किया।
शंकर मठ एवं मिशन के विज्ञानंदजी महाराज ने दुर्गा पूजा को शक्ति की उपासना बताते हुए कहा कि राष्ट्र और समाज के सर्वांगीण विकास के लिए राष्ट्रशक्ति, विद्या, संपदा और बुद्धि का समन्वय आवश्यक है। वहीं, गोरांग राय ने सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए समाज में सद्भाव, सदाचार और साधुशक्ति को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम में भारत सेवाश्रम संघ के गुणसिंधु महाराज, शंकर मठ एवं मिशन के विज्ञानंदजी महाराज, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दक्षिण असम प्रांत प्रचारक गोरांग राय, समाजसेवी उदय शंकर गोस्वामी, के. गोपाल सिंह राजकुमार, चंद्रकांत सिंह, राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव तथा शिलचर के पूर्व विधायक दीपायन चक्रवर्ती सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
इस अवसर पर संस्कार भारती के कलाकारों ने वंदे मातरम् की धुन पर नृत्य प्रस्तुत किया। शुक्रवार की दोपहर चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। शाम को देवी का बोधन, आमंत्रण एवं अधिवास संपन्न हुआ। रात सात बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।