शिलचर, 16 जुलाई।
शहर के ऐतिहासिक श्याम सुंदर अखाड़े में गुरुवार को 173वीं रथयात्रा श्रद्धा, भक्ति और पारंपरिक उल्लास के साथ संपन्न हुई। रथयात्रा के अवसर पर अखाड़ा परिसर में बुधवार से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी थी। गुरुवार को शुभ मुहूर्त में हजारों श्रद्धालुओं और साधकों की उपस्थिति में धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन, प्रसाद वितरण तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
अखाड़ा प्रबंधन एवं विकास समिति के सदस्यों ने बताया कि हाल ही में समिति की ओर से महिलाओं के लिए सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया था। प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं द्वारा तैयार किए गए हस्तनिर्मित कपड़े के बैगों की विशेष प्रदर्शनी रथयात्रा समारोह में लगाई गई, जहां उन्हें बिक्री के लिए भी प्रदर्शित किया गया। समिति का मानना है कि यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ स्थानीय स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा देगी।
समिति के अनुसार, कोलकाता से पधारे प्रभुपाद नटराज किशोर गोस्वामी समारोह के विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक प्रवचन, ध्यान की महत्ता तथा आशीर्वचन प्रदान किए।
रथयात्रा के दौरान सुरक्षा और सुव्यवस्था बनाए रखने के लिए अखाड़ा प्रबंधन ने स्वयंसेवकों की विशेष टीम तैनात की थी। आयोजन पूरे समय शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
अखाड़ा प्रबंधन ने कहा कि 173 वर्षों से चली आ रही इस रथयात्रा की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाना उनके लिए गर्व का विषय है। उन्होंने भविष्य में भी धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कल्याण से जुड़े ऐसे कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।