- आचार्यों का संकल्प : चलो जलाएँ दीप वहाँ जहाँ अभी भी अँधेरा है।
विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान से सम्बद्ध शिशु शिक्षा समिति असम द्वारा 15 दिवसीय आचार्य प्रशिक्षण वर्गों का आयोजन किया गया। असम में चार स्थानों पर इन प्रशिक्षण वर्गों का आयोजन किया गया। विद्या भारती की योजना से प्रतिवर्ष आचार्यों की शैक्षणिक गुणवत्ता विकास की दृष्टि से सात दिवसीय अथवा 15 दिवसीय प्रशिक्षण वर्गों का आयोजन किया जाता है। असम में संचालित शंकरदेव शिशु विद्या निकेतनों के आचार्यों हेतु होजाई एवं सिबसागर में 5 से 20 जुलाई तथा नारेंगी एवं अभयापुरी में 10 से 25 जुलाई तक आचार्य प्रशिक्षण वर्गों का आयोजन किया गया। इन प्रशिक्षण वर्गों में 414 आचार्य एवं आचार्याओं ने भाग लिया।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शिक्षण, पूर्व बाल्यावस्था शिक्षा एवं देखभाल, शिशु वाटिका, शारीरिक-योग, नैतिक-आध्यात्मिक शिक्षा, पंचपदी शिक्षण, आधारभूत विषय, भारत का गौरवशाली इतिहास, वैदिक गणित, अंग्रेजी, संचार एवं संवाद तकनीकी सहित विभिन्न विषयों पर आचार्यों को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षित आचार्यों की परीक्षा लेकर उनको सर्टिफिकेट भी प्रदान किये गए। होजाई में नगांव एवं जोरहाट विभाग के 43 आचार्य एवं 59 आचार्या, सिबसागर में लखीमपुर एवं सिबसागर विभाग के 22 आचार्य एवं 66 आचार्या, नारेंगी में गुवाहाटी एवं तेजपुर विभाग के 36 आचार्य एवं 64 आचार्या, अभयापुरी में बंगाईगाँव एवं नलबारी विभाग के 47 आचार्य एवं 77 आचार्याओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।