शिवसागर: आगामी दुर्गा पूजा समारोह के आयोजन की तैयारियों की समीक्षा के लिए गुरुवार को शिवसागर जिला आयुक्त कार्यालय के सुखापा सम्मेलन कक्ष में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता शिवसागर के जिला आयुक्त मृदुल यादव ने की।
बैठक में जिले की विभिन्न दुर्गा पूजा समितियों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे। बैठक में जन सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, पूजा पंडालों की सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था, आपदा प्रबंधन की तैयारियों तथा प्रतिमा विसर्जन से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
जिला प्रशासन ने सभी पूजा समितियों को निर्देश दिया कि वे आवश्यक अनुमति पहले से ही असम पुलिस के ‘सेवा सेतु’ पोर्टल तथा संबंधित विभागों से प्राप्त करें। प्रत्येक पूजा पंडाल में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है। पंडालों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के साथ अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता भी सुनिश्चित करनी होगी।
प्रशासन ने पूजा समितियों को पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग प्रवेश एवं निकास व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं की सहायता के लिए स्वयंसेवकों की तैनाती करने का निर्देश दिया। पंडालों और प्रतिमाओं के निर्माण में पर्यावरण अनुकूल तथा अग्निरोधी सामग्री का इस्तेमाल करने को कहा गया है। पर्याप्त संख्या में कूड़ेदान रखने और नियमित रूप से कचरा निस्तारण की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए।
रात १० बजे से सुबह ६ बजे तक उच्च तीव्रता वाले ध्वनि उपकरणों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहेगा।
दुर्गा पूजा के दौरान यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए शिवसागर शहर के कई स्थानों पर नो-एंट्री बोर्ड लगाए जाएंगे। इनमें एएसटीसी बस स्टैंड, मुक्तिनाथ चारियाली, बाबूपट्टी, पानीटंकी, गायेंगांव, रेड क्रॉस रोड तथा नाट्य मंदिर के सामने के क्षेत्र शामिल हैं।
परिवहन विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। वहीं, पुलिस, परिवहन और आबकारी विभाग द्वारा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज की जाएगी। आबकारी विभाग पूजा पंडालों के आसपास शराब की बिक्री और सेवन पर भी कड़ी नजर रखेगा।
पूजा समितियों को पंडालों में पुलिस, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं, जिला आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष, एपीडीसीएल, नागरिक सुरक्षा तथा सरकारी अस्पतालों के आपातकालीन संपर्क नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित करने के लिए कहा गया है। समितियों को लावारिस या संदिग्ध बैग, संदिग्ध व्यक्तियों अथवा गतिविधियों की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की सलाह भी दी गई।
पूजा समितियों को पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवकों की तैनाती करने तथा उनके नाम, पते और संपर्क विवरण रजिस्टर में दर्ज रखने का निर्देश दिया गया। स्वयंसेवकों को पहचान पत्र जारी किए जाएंगे और उनके फोटो एवं विवरण पहले से संबंधित पुलिस थानों में जमा कराने होंगे।
जिला आयुक्त मृदुल यादव ने पूजा समितियों से प्रतिमा विसर्जन के दौरान पर्याप्त सावधानी बरतने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि प्रतिमाएं निर्धारित समय के भीतर निर्धारित विसर्जन घाटों तक पहुंचें, ताकि दिन के उजाले में ही विसर्जन की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
उन्होंने नगर निकायों को पूजा समितियों के बीच स्वच्छ, पर्यावरण अनुकूल और प्लास्टिक मुक्त पूजा आयोजन को लेकर प्रतियोगिता आयोजित करने का भी निर्देश दिया। सभी संबंधित विभागों को आगामी दुर्गा पूजा के लिए अपनी कार्ययोजना सात दिनों के भीतर जिला प्रशासन को सौंपने को कहा गया।
जिला आयुक्त ने सभी संबंधित पक्षों से शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा दुर्गा पूजा के शांतिपूर्ण और सुचारु आयोजन के लिए प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने में सहयोग करने की अपील की।
एडिशनल जिला आयुक्त गौरीप्रिया देउरी ने पिछले वर्ष आयोजित दुर्गा पूजा से संबंधित बैठक की कार्यवाही पढ़कर सुनाई।
बैठक में एडिशनल जिला आयुक्त मीनाक्षी परमाय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मैदुल इस्लाम और ऋषभ हंस, निर्वाचन अधिकारी गणेश चंद्र बोरो, शिवसागर राजस्व चक्र अधिकारी मित्राबिंदा गोगोई, शिवसागर और अमगुड़ी नगरपालिकाओं के कार्यकारी अधिकारी, पुलिस अधिकारी, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि तथा विभिन्न दुर्गा पूजा समितियों के सदस्य उपस्थित थे।
अर्नब शर्मा
डिब्रूगढ़