शिलचर में पंजाब नेशनल बैंक आरसेटी कछार द्वारा विश्व उद्यमिता दिवस का आयोजन, नवाचार और आत्मनिर्भरता पर जोर

: नवाचार को प्रोत्साहित करने, रोजगार सृजन और सामाजिक समस्याओं के समाधान में उद्यमियों की भूमिका को उजागर करने के उद्देश्य से आज जिला ग्रामीण विकास अभिकरण परिसर में पंजाब नेशनल बैंक आरसेटी कछार के तत्वावधान में दिनभर के कार्यक्रम के साथ विश्व उद्यमिता दिवस मनाया गया। इस वर्ष का विषय था “उद्यमियों की नई पीढ़ी को सशक्त बनाना: सफलता के सेतु का निर्माण”। कार्यक्रम में उद्यमिता की भावना का सम्मान किया गया, इच्छुक उद्यमियों को प्रोत्साहित किया गया और देश के विकास में उद्यमिता के योगदान पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक कछार के जिला विकास प्रबंधक रविशंकर लिकमाबाम थे, वहीं विशेष अतिथि के रूप में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक के सहायक प्रबंधक अमित मीना और रोहित एम पाटिल, महिला उद्यमी कल्याणी देव, पंजाब नेशनल बैंक आरसेटी कछार के निदेशक अरुणज्योति दे और संस्थान के वरिष्ठ प्रशिक्षक तथा प्रशिक्षण समन्वयक शाहेद चौधरी उपस्थित रहे। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक के जिला विकास प्रबंधक रविशंकर लिकमाबाम ने अपने उद्बोधन में बराक घाटी के कृषि आधारित नवोदित उद्यम ग्रेजोवेट फार्म्स के संचालक बापन दास के एंटीबायोटिक मुक्त मुर्गी पालन के नवाचार का उल्लेख करते हुए कहा कि उद्यमी की सफलता के लिए जुनून, लगन और दूरदृष्टि आवश्यक है, साथ ही उन्होंने आरसेटी की ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था और डिजिटल विपणन मंच की सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दी। पंजाब नेशनल बैंक आरसेटी कछार के निदेशक अरुणज्योति दे ने सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे बैंक ऋण और वित्तीय जागरूकता पर विस्तार से प्रकाश डाला और बताया कि ग्रामीण युवा किस प्रकार आसानी से ऋण प्राप्त कर सकते हैं और वित्तीय योजना बना सकते हैं। संस्थान के वरिष्ठ प्रशिक्षक शाहेद चौधरी ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना, स्टैंडअप योजना और स्टार्टअप बीज पूंजी जैसी सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम के समापन पर विभिन्न बैचों के सफल प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए तथा स्थानीय उद्यमी बापन दास, पूर्णिमा चंद सहित अन्य उद्यमियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। यह पूरा कार्यक्रम संस्थान के पूर्व प्रशिक्षुओं के संगठन के सहयोग से आयोजित किया गया। आयोजकों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को स्वावलंबी बनाना और क्षेत्र में उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा देना है।

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