शिलचर, 27 अगस्त : ‘जागृति स्कीम, 2025—सशक्त युवा समाज, शक्तिशाली भारत’ के तहत असम विश्वविद्यालय के कानून विभाग एवं विधिक सहायता क्लिनिक ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, काछाड़ के सहयोग से शिलचर के सरकारी गर्ल्स हाईस्कूल, एम.पी. स्कूल तथा पीएम श्री नरसिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में दो कानून जागरूकता शिविर आयोजित किए।
शिविर विशेष रूप से कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए आयोजित किए गए। इनमें किशोर न्याय, निःशुल्क कानूनी सहायता और उपभोक्ता अधिकार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूकता सत्र आयोजित किए गए। विद्यार्थियों को कानूनी अधिकारों, उपलब्ध उपायों तथा कानून की व्यावहारिक प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में असम विश्वविद्यालय के कानून विभाग के सातवें सेमेस्टर के बी.ए., एलएल.बी. (ऑनर्स) एवं प्रथम सेमेस्टर के एलएल.एम. के विद्यार्थियों के साथ कंज्यूमर एडवोकेसी ग्रुप, असम के सदस्यों ने भाग लिया। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ संवादात्मक चर्चा के माध्यम से विभिन्न कानूनी विषयों को सरल एवं व्यावहारिक तरीके से समझाया।
कानून विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. संदीप कुमार सुमन तथा विधिक सहायता क्लिनिक की सहायक प्रोफेसर एवं संयुक्त समन्वयक डॉ. दृष्टिरूपा पाटगिरी ने शिविरों का मार्गदर्शन किया। विद्यार्थियों को अपनी कानूनी जिज्ञासाएं और समस्याएं रखने का अवसर भी मिला। इस दौरान किशोर अपराध, निःशुल्क कानूनी सेवाएं प्राप्त करने की प्रक्रिया तथा दैनिक जीवन में उपभोक्ता अधिकारों के इस्तेमाल को लेकर विद्यार्थियों की शंकाओं का समाधान किया गया।
आयोजकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं में कानूनी साक्षरता और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ न्याय तक उनकी पहुंच को मजबूत करना है। शिविरों के माध्यम से समुदाय-केंद्रित कानूनी शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की गई।