शिलचर प्रेस क्लब में अंतरराष्ट्रीय नशा विरोधी दिवस मनाया गया, व्यापक जनजागरण का आह्वान

रविजीत चौधरी की पुण्यतिथि पर अनिर्वाणज्योति गुप्ता एवं अफजल हुसैन बड़भुइयां को पत्रकारिता सम्मान

शिलचर, 27 जून। बराक नागरिक संसद के तत्वावधान में शुक्रवार को शिलचर प्रेस क्लब में “मादक पदार्थों के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय दिवस” मनाया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने बराक घाटी में तेजी से बढ़ रही नशाखोरी पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे रोकने के लिए व्यापक जनजागरण, पारिवारिक जागरूकता तथा सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया।

संयुक्त राष्ट्र द्वारा इस वर्ष निर्धारित विषय “विश्व मादक समस्या: निरंतर संकट, नई चुनौतियां और नवाचारपूर्ण समाधान” पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पत्रकार, लेखक एवं समाजचिंतक रविजीत चौधरी की 31वीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा रविजीत चौधरी स्मारक पत्रकारिता पुरस्कार वरिष्ठ पत्रकार अनिर्वाणज्योति गुप्ता और अफजल हुसैन बड़भुइयां को प्रदान किया गया।

मुख्य वक्ता एवं वरिष्ठ कवि-पत्रकार अतीन दास ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय मादक पदार्थों की तस्करी के संगठित नेटवर्क को समाप्त करने के लिए लगातार और कठोर कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई की शुरुआत परिवार से होनी चाहिए तथा व्यापक जनजागरण के बिना इस समस्या का समाधान संभव नहीं है।

रविजीत चौधरी को याद करते हुए अतीन दास ने कहा कि उन्होंने निर्भीक और उत्तरदायी पत्रकारिता की मिसाल कायम की। उन्होंने श्रीभूमि के चौधरी परिवार, विशेषकर रविजीत चौधरी के पिता विधुभूषण चौधरी के सामाजिक एवं बौद्धिक योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि “युगशक्ति” समाचारपत्र के माध्यम से क्षेत्र में एक सशक्त बौद्धिक वातावरण का निर्माण हुआ। उन्होंने चौधरी परिवार के छहों भाइयों—विजीत, सुजीत, रविजीत, रंजीत, अरिजीत एवं समरजीत चौधरी—के साहित्य, पत्रकारिता और समाज जीवन में योगदान को भी स्मरण किया।

मुख्य अतिथि एवं असम विश्वविद्यालय के समाजकार्य विभाग की प्राध्यापिका डॉ. जयश्री दे ने कहा कि नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान घर-घर तक पहुंचाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र को भी प्रभावित करता है। उन्होंने बच्चों और किशोरों को नशे से बचाने के लिए सांस्कृतिक गतिविधियों, नाटक, संगीत और जन-जागरूकता कार्यक्रमों को प्रभावी माध्यम बताया। साथ ही विद्यालयों, महाविद्यालयों, क्लबों, धार्मिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों में नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

शिलचर प्रेस क्लब के महासचिव शंकर दे ने कहा कि रविजीत चौधरी ने पूरी निष्ठा और सामाजिक प्रतिबद्धता के साथ पत्रकारिता की। उन्होंने असम विश्वविद्यालय की स्थापना में उनके महत्वपूर्ण योगदान का उल्लेख करते हुए विश्वविद्यालय के किसी प्रमुख भवन का नाम रविजीत चौधरी के नाम पर रखने की मांग की। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कुलपति को शीघ्र ही ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रेस क्लब भविष्य में नशा विरोधी अभियान को लेकर निरंतर कार्यक्रम आयोजित करेगा।

कार्यक्रम में कवि-संपादक स्मृति पाल नाथ, पत्रकार चयन भट्टाचार्य, समाजसेवी शतदल आचार्य, पत्रकार राहुल देव, मेघनाथ कर, समाजसेवी सुकृति भट्टाचार्य, आश्वास एनजीओ की अध्यक्षा अरुंधती गुप्ता तथा संपादिका अलका देव सहित अनेक वक्ताओं ने अपने विचार रखे।

पुरस्कार प्राप्त करने के बाद अनिर्वाणज्योति गुप्ता और अफजल हुसैन बड़ाभुइयां ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा और भविष्य में निष्पक्ष एवं जनपक्षधर पत्रकारिता के लिए उन्हें नई ऊर्जा प्रदान करेगा। दोनों पत्रकारों को अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ, प्रशस्ति-पत्र, स्मृति-चिह्न, सम्मान राशि तथा कलम भेंट कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में प्रसिद्ध गायक शांतिकुमार भट्टाचार्य तथा ‘सुरमल्लार’ के कलाकारों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम की सफलता के लिए दिशा फाउंडेशन के प्रमुख जयदीप चौधरी ने संदेश भेजकर नशा विरोधी अभियान को निरंतर जारी रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम के प्रायोजकों में समाजसेवी बिप्लवकांति पाल, पूर्व जिला परिषद सदस्य रीता पालबर्णाली पाल एवं स्वर्णाली पाल भी शामिल रहे।

Leave a Comment