शिलचर–जयंतीया सड़क जाम कर स्थानीय लोगों का उग्र विरोध

शिलचर–जयंतीया सड़क जाम कर स्थानीय लोगों का उग्र विरोध
बदहाल सड़क और धूलभरी आंधी से जनजीवन अस्त-व्यस्त, छात्र-छात्राओं समेत आम लोग परेशान
शिलचर।
शिलचर–जयंतीया सड़क की बदहाल स्थिति और उड़ती धूल से त्रस्त स्थानीय लोगों ने गुरुवार को सड़क अवरुद्ध कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सड़क पर बांस की बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिससे पूरे इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
बड़खोला और काठीघोड़ा क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाने वाली शिलचर–जयंतीया सड़क लंबे समय से आम जनता के लिए नर्क समान बनी हुई है। हजारों लोग वर्षों से इस सड़क की दुर्दशा के कारण भारी परेशानी झेल रहे हैं। बरसात के मौसम में सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है, जबकि जगह-जगह बने विशाल गड्ढों में फंसकर मालवाहक वाहन घंटों खड़े रहते हैं। बीते वर्ष का बरसात काल स्थानीय लोगों के लिए किसी नर्क से कम नहीं था।
वर्तमान में सूखे मौसम के चलते स्थिति और भी भयावह हो गई है। सड़क से उड़ने वाली धूल-बालू ने पूरे क्षेत्र को मानो मरुस्थल में बदल दिया है। धूलभरी आंधी से लोगों के घर, दुकानें, फसलें और दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। खासकर स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राएं और बुजुर्ग सबसे अधिक परेशान हैं।
गौरतलब है कि लंबे इंतजार के बाद असम माला परियोजना के तहत इस सड़क के निर्माण कार्य की शुरुआत हुई थी, लेकिन शुरुआत से ही कार्य की गुणवत्ता को लेकर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगते रहे हैं। बावजूद इसके संबंधित विभाग ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने कई बार सड़क की मरम्मत और नियमित रूप से पानी का छिड़काव करने की मांग की, ताकि धूल की समस्या से राहत मिल सके, लेकिन उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया गया। अंततः मजबूर होकर लोगों ने सड़क जाम कर आंदोलन का रास्ता अपनाया।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र सड़क की मरम्मत, गुणवत्ता जांच और धूल नियंत्रण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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