शिलकुड़ी में महिला उत्पीड़न का मामला: गृहवधू की रहस्यमयी मौत, परिवार और यादव महासभा का तीव्र विरोध
प्रेरणा ब्यूरो शिलचर, 21 जनवरी: काछार जिले के शिलकुड़ी चतुर्थ खंड में मंगलवार को पूजा राजभर नामक एक गृहवधू की रहस्यमयी मौत को लेकर इलाके में सनसनी फैल गई। मामले की जांच को लेकर पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, जिससे मृतका के परिजनों और यादव महासभा में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
मृतका के छोटे भाई पप्पू ग्वाला और मां मीना ग्वाला ने पत्रकारों को बताया कि लगभग 15 वर्ष पूर्व पूजा का विवाह स्थानीय प्रदीप राजभर के पुत्र प्रभाकर राजभर के साथ हुआ था। विवाह के बाद से ही पूजा को उसके पति प्रभाकर राजभर और ससुर प्रदीप राजभर द्वारा लगातार शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।
परिजनों के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 8 बजे पप्पू ग्वाला के फोन पर सूचना मिली कि पूजा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है और उसके शव को मेडिकल कॉलेज ले जाया जा रहा है। लेकिन जब पप्पू मेडिकल कॉलेज की ओर जा रहे थे, तभी उन्होंने रास्ते में देखा कि पति प्रभाकर राजभर शव को लेकर वापस घर लौट रहा है।
इस घटनाक्रम ने कई गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। परिजनों का आरोप है कि पुलिस और मजिस्ट्रेट की उपस्थिति के बिना फांसी से शव कैसे उतारा गया? घुंघूर थाना पुलिस इस मामले में निष्पक्ष और गंभीर जांच क्यों नहीं कर रही है?
घटना के विरोध में यादव महासभा कछार जिला समिति के अध्यक्ष पप्पू यादव के नेतृत्व में महासभा के सदस्यों ने शिलकुड़ी स्थित पूजा के घर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिला पुलिस प्रशासन से मांग की कि मृतका के ससुर प्रदीप राजभर और पति प्रभाकर राजभर के खिलाफ निष्पक्ष व कानूनी जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए।
फिलहाल मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग प्रशासन से जल्द न्याय की मांग कर रहे हैं।