शिलकुड़ी चाय बागान में साप्ताहिक भुगतान घोटाले का आरोप, एक कर्मचारी निलंबित, दूसरे पर भी कार्रवाई की मांग तेज
प्रेरणा ब्यूरो शिलचर, 27 अप्रैल: कछाड़ जिले के शिलकुड़ी चाय बागान में साप्ताहिक भुगतान से जुड़े कथित घोटाले को लेकर विवाद गहरा गया है। बागान पंचायत की बैठकों में इस मुद्दे पर तीखी बहस के बाद प्रबंधन ने एक कर्मचारी को निलंबित कर दिया है, जबकि दूसरे संबंधित कर्मचारी के खिलाफ भी समान कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है।
बागान पंचायत के अध्यक्ष बड़कू गौड़ के अनुसार, प्रारंभ में मामले की स्पष्ट जानकारी नहीं थी, लेकिन शिलकुड़ी में आयोजित एक बैठक के दौरान जब कथित अनियमितताओं का खुलासा हुआ, तो पंचायत ने तत्काल हस्तक्षेप किया। बैठक में मौजूद अधिकारियों और श्रमिक प्रतिनिधियों से चर्चा के बाद प्रबंधन ने कर्मचारी मनोज बाबू को निलंबित करने का निर्णय लिया। साथ ही उनसे इस्तीफा लेने की प्रक्रिया भी शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई।
इसके बाद 25 अप्रैल को पुनः एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई, जिसमें बागान के महाप्रबंधक (जीएम) सहित सभी पंचायत प्रतिनिधियों को उपस्थित रहने को कहा गया। बैठक के दौरान मनोज बाबू ने कथित रूप से साप्ताहिक वसूली की बात स्वीकार की। आरोप है कि हर सप्ताह लगभग ₹12,000 की अवैध वसूली की जाती थी, जिसमें ₹6,000-₹6,000 की हिस्सेदारी डी.एन. सिंह और मनोज बाबू के बीच बंटती थी।
बैठक के दौरान इस मुद्दे पर तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। पंचायत ने स्पष्ट किया कि यह मामला पूरी तरह बागान के स्टाफ से संबंधित है और इसमें श्रमिकों की कोई भूमिका नहीं है। पंचायत ने मामले की निष्पक्ष जांच और पारदर्शी कार्रवाई की मांग की है।
अध्यक्ष बड़कू गौड़ ने कहा कि यदि मनोज बाबू को आरोपों के आधार पर निलंबित किया गया है, तो उसी मानदंड के तहत डी.एन. सिंह के खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने “समान दोष, समान कार्रवाई” के सिद्धांत पर जोर देते हुए चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो बागान का कार्य वातावरण प्रभावित हो सकता है और उत्पादन पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है।
फिलहाल, पूरे मामले में प्रबंधन के अंतिम निर्णय का इंतजार है। इधर, श्रमिकों और पंचायत प्रतिनिधियों की नजरें निष्पक्ष जांच और न्यायसंगत कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।