शिलचर, 8 सितंबर: जम्मू-कश्मीर में भारतीय सेना में सेवा के दौरान दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए लेस नायक निकाश दास का पार्थिव शरीर सोमवार सुबह शिलचर लाया गया। 27 दिनों तक अस्पताल में वेंटिलेटर पर जीवन-मृत्यु से संघर्ष करने के बाद रविवार को उन्होंने अंतिम सांस ली।
सोमवार को शिलचर हवाई अड्डे पर असम सरकार के मंत्री कौशिक राय ने ताबूत में रखे शहीद निकाश दास के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद सेना के वाहन से पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव रतनपुर ले जाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में बाइक और वाहनों की रैली भी साथ रही। शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए पार्थिव शरीर तापांग ब्लॉक के अंतर्गत स्थित उनके रतनपुर स्थित पैतृक आवास पहुंचा।
परिवारजनों, ग्रामीणों और भारतीय सेना के जवानों की मौजूदगी में शहीद निकाश दास का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। अंतिम विदाई के दौरान माहौल गमगीन रहा और लोगों ने भारत माता के वीर सपूत को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
कैवर्त डेवलपमेंट फाउंडेशन ने दी श्रद्धांजलि
मंगलवार सुबह 11 बजे कैवर्त डेवलपमेंट फाउंडेशन की पहल पर शिलचर स्थित संगठन के कार्यालय में शहीद निकाश दास के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।
इस अवसर पर संगठन की केंद्रीय समिति के अध्यक्ष सजल कांति दास, महासचिव गोपाल दास, महासचिव (संगठन) अजीत दास, उधारबंद क्षेत्रीय समिति के अध्यक्ष प्रतिष्ठ दास सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।
सजल कांति दास ने कहा कि “शहीद निकाश दास इस क्षेत्र के लिए गर्व हैं।” उन्होंने शहीद की आत्मा की सद्गति की कामना करते हुए उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।