वृंदावन में श्रद्धालुओं के लिए वरदान बनी ‘श्री जी की रसोई’, प्रतिदिन हजारों लोगों को मिलता है निःशुल्क भोजन

वृंदावन से विशेष प्रतिनिधि द्वारा: धार्मिक नगरी वृंदावन आने वाले श्रद्धालुओं के सामने अक्सर सस्ती, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन व्यवस्था की चुनौती रहती है। ऐसे में ‘श्री जी की रसोई’ श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी राहत बनकर उभरी है।

अटल्ला चुंगी के निकट उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के भवन में संचालित यह रसोई विजय कौशल महाराज द्वारा स्थापित मंगलमय परिवार न्यास के सहयोग से चलाई जा रही है। यहां बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को प्राथमिकता दी जाती है। भोजन प्राप्त करने के लिए श्रद्धालुओं को अपना आधार कार्ड साथ लाना आवश्यक होता है, जिसके आधार पर प्रवेश दिया जाता है।

रसोई में प्रतिदिन लगभग 3-4000 श्रद्धालु भोजन ग्रहण करते हैं, जबकि सप्ताहांत और विशेष अवसरों पर यह संख्या और अधिक बढ़ जाती है। यहां परोसी जाने वाली थाली में रोटी, सब्जी, दाल, चावल, अचार और मिठाई शामिल होती है।

भोजन तैयार करने के लिए आधुनिक मशीनों का उपयोग किया जाता है, जिससे बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कम समय में पर्याप्त मात्रा में भोजन तैयार किया जा सके। साथ ही रसोई परिसर में स्वच्छता और गुणवत्ता के उच्च मानकों का विशेष ध्यान रखा जाता है।

सबसे खास बात यह है कि यहां भोजन पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। श्रद्धालु वातानुकूलित (एसी) भोजन कक्ष में अपने परिवार के साथ आराम से बैठकर भोजन का आनंद ले सकते हैं।

वृंदावन आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ‘श्री जी की रसोई’ न केवल भोजन की व्यवस्था प्रदान करती है, बल्कि सेवा और समर्पण की भावना का भी उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है।

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