विश्वविख्यात कवि, साहित्यकार, दार्शनिक रवीन्द्रनाथ टैगोर की 165 वीं जयंती मनाई गई
अनिल मिश्र/ पटना
पं बंगाल में जन्म लेने वाले विश्वविख्यात कवि, साहित्यकार, दार्शनिक और भारतीय साहित्य के नोबेल पुरस्कार विजेता रबीन्द्रनाथ टैगोर की 165 वीं जयंती गयाजी के स्थानीय चौक स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी प्रतिमा स्थल प्रांगण में कॉंग्रेस पार्टी के तत्क्षण में मनाई गई। इस अवसर पर सर्वप्रथम रबीन्द्रनाथ टैगोर के चित्र पर माल्यार्पण के पाश्चात्य उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला गया। इस जयंती कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिहार प्रदेश कॉंग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, जिला कॉंग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, रंजीत कुमार सिंह श्रीकांत शर्मा, दामोदर गोस्वामी, इंटक के जिला महासचिव टिंकू गिरी, विनोद बनारसी, विपिन बिहारी सिन्हा, विशाल कुमार, मुन्ना मांझी, प्रद्युम्न दुबे, रूपेश चौधरी, अशोक राम आदि ने कहा कि भारतीय संस्कृतिक चेतना में नई जान फूकने वाले युगदृष्टा ऐसीया महादेश के प्रथम नोबेल पुरस्कार विजेता रबीन्द्रनाथ टैगोर ही विश्व के ऐसे कवि हैं जिनकी दो रचनाएं दो देशों का राष्ट्रगान बनी। इस बीच इन नेताओं ने कहा कि रबीन्द्रनाथ टैगोर का भारत का राष्ट्र-गान ” जन- गन- मन ” और बांग्लादेश का आमार सोनार बांग्ला दोनों देशों के लिए प्रेरणादायी और राष्ट्रीय भावना को जागृत करने वाला गान है।इस संबंध में इन सभी नेताओं ने केंद्र एवं राज्य सरकारों से रबीन्द्रनाथ टैगोर की जयंती सभी शैक्षणिक संस्थानों में मनाने तथा इनकी प्रतिमा सभी संवैधानिक संस्थाओं में लगाने की मांग दोहराई है।