शिलचर, 1 अगस्त। काछार जिले की सबसे महत्वपूर्ण सड़कों में शामिल शिलचर–कालाइन मार्ग की जर्जर स्थिति को लेकर आम लोगों में लंबे समय से भारी नाराजगी है। सड़क पर जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढों के कारण आए दिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं। यात्री, स्कूली एवं कॉलेज के छात्र-छात्राएं, व्यापारी तथा हजारों स्थानीय लोग प्रतिदिन जान जोखिम में डालकर इस सड़क से आवागमन करने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार मांग उठाने के बावजूद लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने सड़क की मरम्मत के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। विभागीय स्तर से जिला प्रशासन के समक्ष भी सड़क की मरम्मत की मांग रखी गई, लेकिन अब तक स्थायी मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो सका है। इससे विभाग की कार्यशैली को लेकर लोगों में गहरा असंतोष व्याप्त है।
इसी बीच सरकारी पहल का इंतजार किए बिना पंचायत प्रतिनिधियों के आह्वान पर स्थानीय समाजसेवी एवं व्यवसायी शमीम अहमद बड़भुइया आगे आए। उन्होंने अपने निजी खर्च पर मजदूरों और आवश्यक निर्माण सामग्री की व्यवस्था कर सड़क के गड्ढों को भरने का कार्य शुरू कराया। उनके इस जनहितकारी प्रयास में स्थानीय ग्रामीणों ने भी सहयोग दिया।
पंचायत प्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों ने इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि एक जिम्मेदार व्यवसायी द्वारा आम लोगों की परेशानी कम करने के लिए स्वयं आगे आना अत्यंत प्रशंसनीय है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गड्ढों को भरना केवल अस्थायी समाधान है। शिलचर–कालाइन सड़क का शीघ्र, गुणवत्तापूर्ण और स्थायी पुनर्निर्माण ही समस्या का वास्तविक समाधान है।
इस अवसर पर भांगारपार ग्राम पंचायत की सभानेत्री के प्रतिनिधि इमरान हुसैन बड़भुइया, भुवनेश्वर नगर ग्राम पंचायत की सभानेत्री के प्रतिनिधि धरणी कांत सिन्हा, श्रीकोना मंडल भाजपा के सह-अध्यक्ष अमरेश नाथ (मिंटू) सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि बड़खोला, काठीघोड़ा और शिलचर—इन तीन विधानसभा क्षेत्रों के हजारों लोगों के लिए यह सड़क प्रमुख संपर्क मार्ग है। इसलिए लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन को बिना किसी विलंब के सड़क के स्थायी मरम्मत एवं पुनर्निर्माण का कार्य शुरू करना चाहिए। तब तक जनहित में पंचायत प्रतिनिधियों तथा समाजसेवी व्यवसायी शमीम अहमद बड़भुइया द्वारा की गई यह पहल क्षेत्र के लिए एक प्रेरणादायक मानवीय उदाहरण बनकर रहेगी।