तिनसुकिया, ३ अक्टूबर: असम के तिनसुकिया जिले के मरघेरिटा सह-जिला अंतर्गत लीडो की झरना बस्ती में जमीन में गंभीर दरारें पड़ने से करीब १०० परिवार प्रभावित हुए हैं। घरों और सड़कों में दरारें आने के बाद स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, पिछले कुछ समय से दरारें लगातार चौड़ी होती जा रही हैं। स्थिति बिगड़ने की आशंका के चलते कई परिवार अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि क्षेत्र में किए जा रहे कोयला डंपिंग के कारण जमीन में यह समस्या उत्पन्न हुई हो सकती है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मरघेरिटा के विधायक भास्कर शर्मा ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। उनके साथ मरघेरिटा सह-जिला प्रशासन के अधिकारी तथा नॉर्थ ईस्टर्न कोलफील्ड्स के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
निरीक्षण के दौरान विधायक भास्कर शर्मा ने कहा कि मामले को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने प्रभावित लोगों को आश्वासन दिया कि जल्द ही क्षेत्र में भूवैज्ञानिक विशेषज्ञों को भेजकर जमीन में आई दरारों का वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाएगा।
प्रस्तावित भूवैज्ञानिक जांच से दरारों के वास्तविक कारण, उनके विस्तार और क्षेत्र में संभावित भू-अस्थिरता का पता लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही, जांच के आधार पर प्रभावित परिवारों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकेंगे।
इस बीच, घरों और सड़कों में बढ़ती दरारों को लेकर स्थानीय लोगों की चिंता बनी हुई है। प्रभावित परिवार अब विस्तृत वैज्ञानिक जांच और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।