चंद्रशेखर ग्वाला लखीपुर, 3 अगस्त।
लखीपुर सप्लाई विभाग में राशन कार्ड से नाम हटाने, कार्ड स्थानांतरित करने तथा नए सदस्य का नाम जोड़ने की प्रक्रिया में कथित रूप से व्यापक अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। शिकायत में सप्लाई विभाग के वरिष्ठ लिपिक सत्येंद्र यादव, सब-इंस्पेक्टर पिनाक पाल तथा एएसडब्ल्यूएएन (ASWAN) परियोजना के कर्मचारी जितेन सिंह के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि राशन कार्ड से संबंधित कार्य कराने के लिए लाभार्थियों से अवैध रूप से धन वसूला जा रहा है। आरोप के अनुसार, राशन कार्ड में सदस्य स्थानांतरण के लिए 500 रुपये तथा नाम हटाने के लिए 200 रुपये तक लिए जा रहे हैं। इससे परेशान होकर कई पीड़ित लाभार्थियों ने सप्लाई विभाग के आयुक्त को लिखित शिकायत भेजी।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2023 में भी इसी प्रकार की अनियमितताओं के आरोपों के चलते तत्कालीन उपमंडल अधिकारी (एसडीओ) सुदीप कुमार नाथ ने जितेन सिंह को कार्यालय परिसर से हटा दिया था। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि इस बार उक्त तीनों कर्मचारियों ने मिलकर एक कथित सिंडिकेट बना लिया है और सामान्य प्रशासनिक कार्यों के बदले लाभार्थियों से पैसे वसूल रहे हैं।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि जब राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री कौशिक राय भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए हैं, तब उनके ही विधानसभा क्षेत्र में इस तरह की कथित अनियमितताएं विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। शिकायतकर्ताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत प्राप्त होने के बाद विभागीय आयुक्त हेमंत भुइयां ने लखीपुर के संबंधित अधिकारियों को मामले की विस्तृत और निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में सप्लाई विभाग के निरीक्षक कैलाश बरुआ ने स्वीकार किया कि विभागीय आयुक्त की ओर से जांच के आदेश जारी किए गए हैं। हालांकि उन्होंने बताया कि जांच प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि अपने ही सहकर्मियों के खिलाफ जांच करना उनके लिए उचित नहीं होगा। ऐसे में संभावना है कि मामले की जांच किसी मजिस्ट्रेट से कराई जाए।
फिलहाल मामले की जांच शुरू होने और उसकी रिपोर्ट आने का इंतजार है। जांच के निष्कर्ष के बाद ही आरोपों की सत्यता और आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।