रोहित की मौत का रहस्य उजागर करने की मांग, मोमबत्ती जलाकर प्रदर्शन

शिलचर, 3 सितंबर। कक्षा नौ के छात्र रोहित सिंह की मौत की वास्तविक वजह का पता लगाने और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग को लेकर गुरुवार शाम शिलचर में विभिन्न सामाजिक संगठनों ने मोमबत्ती जलाकर प्रदर्शन किया। क्षुदिराम बसु की प्रतिमा के समक्ष आयोजित इस कार्यक्रम में रोहित की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई।

कार्यक्रम का आयोजन ऑल असम मणिपुरी स्टूडेंट्स यूनियन (आमसू) सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के संयुक्त प्रयास से किया गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि रोहित की मौत से जुड़े सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए।

रोहित के पिता ब्रजेन सिंह का दावा है कि 26 अगस्त को दो हमउम्र किशोर फुटबॉल खेलने की बात कहकर रोहित को अपने साथ ले गए थे। बाद में परिवार को रोहित के नदी में गिरने और मौत की सूचना मिली। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि रोहित नदी में गिरा था तो उसके साथ मौजूद दोनों किशोरों ने तत्काल शोर क्यों नहीं मचाया और परिवार को तुरंत सूचना क्यों नहीं दी?

ब्रजेन सिंह के अनुसार, रोहित फुटबॉल खेलने के लिए जर्सी और फुटबॉल बूट साथ लेकर गया था, लेकिन कथित तौर पर उसने दोनों का इस्तेमाल नहीं किया। इससे यह सवाल उठता है कि क्या वह वास्तव में उस दिन फुटबॉल खेलने गया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बाद में साथ गए एक किशोर के परिवार की ओर से पुलिस चौकी में मामला दर्ज कराया गया।

आमसू के पूर्व महासचिव कृष्णमोहन सिंह, सलाहकार सत्यजीत सिंह और महासचिव थहइबा सिंह ने घटना की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग की। प्रदर्शन में विभिन्न क्लबों, एनजीओ और मोइरा पाइबी संगठनों के करीब दो सौ सदस्य शामिल हुए।

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