रेजिना मिहू बने आईएमआई के उपाध्यक्ष, अरुणाचल प्रदेश से इस पद पर पहुंचने वाले पहले व्यक्ति

ईटानगर: अरुणाचल प्रदेश के रेजिना मिहू को इंटीग्रेटेड माउंटेन इनिशिएटिव (आईएमआई) का उपाध्यक्ष चुना गया है। इसके साथ ही वह इस राष्ट्रीय संस्था में उपाध्यक्ष पद पर निर्वाचित होने वाले अरुणाचल प्रदेश के पहले व्यक्ति बन गए हैं।

इंटीग्रेटेड माउंटेन इनिशिएटिव देश के हिमालयी और अन्य पर्वतीय राज्यों में सतत पर्वतीय विकास को बढ़ावा देने के लिए कार्य करने वाली एक राष्ट्रीय संस्था है। रेजिना मिहू का निर्वाचन अरुणाचल प्रदेश के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

आईएमआई गवर्निंग काउंसिल चुनाव २०२६ के परिणाम शनिवार को निर्वाचन अधिकारी डॉ. सत्यदीप एस. छेत्री द्वारा घोषित किए गए। चुनाव में उत्तराखंड के एसटीएस लेपचा को अध्यक्ष चुना गया, जबकि अरुणाचल प्रदेश के रेजिना मिहू को २०२६-२९ के कार्यकाल के लिए उपाध्यक्ष निर्वाचित किया गया।

वहीं, दार्जिलिंग के रोशन राय को सचिव चुना गया। उत्तराखंड की बिनीता शाह को संयुक्त सचिव (कोषाध्यक्ष), जबकि सिक्किम की प्रियदर्शिनी श्रेष्ठ को संयुक्त सचिव चुना गया।

नव निर्वाचित परिषद सदस्यों में हिमाचल प्रदेश के राजन कोटरू और एमपी सूद, नागालैंड के अम्बा जमीर, उत्तराखंड के जीएस रावत, लद्दाख के जिग्मेत तकपा तथा मिजोरम के प्रोफेसर जॉन जोथनजामा शामिल हैं। नव निर्वाचित पदाधिकारियों के बीच औपचारिक रूप से पदभार सौंपने और ग्रहण करने की प्रक्रिया बाद में आयोजित की जाएगी।

इंटीग्रेटेड माउंटेन इनिशिएटिव देश के पर्वतीय क्षेत्रों से जुड़े सतत विकास, जल सुरक्षा, सामुदायिक सशक्तीकरण और नीतिगत पैरवी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर कार्य करता है। यह संस्था विभिन्न पर्वतीय राज्यों और क्षेत्रों के हितधारकों को एक साझा मंच प्रदान करती है।

रेजिना मिहू का सामाजिक और सार्वजनिक क्षेत्र में लंबे समय से जुड़ाव रहा है। वह ईटानगर स्थित स्टूडेंट्स डेवलपमेंट फोरम अरुणाचल (एसडीएफए) के सचिव के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। छात्र नेतृत्व से राष्ट्रीय मंच तक उनकी यात्रा को पर्वतीय समुदायों, सतत विकास और सामुदायिक सशक्तीकरण के क्षेत्र में उनके निरंतर योगदान से जोड़कर देखा जा रहा है।

आईएमआई की गवर्निंग काउंसिल के नेतृत्व में मिहू का निर्वाचन हिमालयी क्षेत्र के पर्वतीय समुदायों से जुड़े मुद्दों और सतत विकास के क्षेत्र में उनके योगदान की महत्वपूर्ण पहचान माना जा रहा है। साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर इस महत्वपूर्ण पद पर अरुणाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों को और प्रभावी ढंग से सामने रखने का अवसर प्रदान करेगा।

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