नामदाफा में दुर्लभ स्पून-टेल्ड डस्कहॉकर ड्रैगनफ्लाई की पहली तस्वीर, अरुणाचल की जैव विविधता में जुड़ा नया रिकॉर्ड

चांगलांग (अरुणाचल प्रदेश): अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले स्थित नामदाफा राष्ट्रीय उद्यान एवं बाघ अभयारण्य में दुर्लभ स्पून-टेल्ड डस्कहॉकर ड्रैगनफ्लाई की पहली तस्वीर दर्ज की गई है। इस प्रजाति का वैज्ञानिक नाम गाइनेकैंथा बेसिगुटाटा है। राज्य में पहली बार इस दुर्लभ ड्रैगनफ्लाई की तस्वीर सामने आने से अरुणाचल प्रदेश की समृद्ध जैव विविधता के दस्तावेजीकरण में एक महत्वपूर्ण नया रिकॉर्ड जुड़ गया है।

उपमुख्यमंत्री चौना मीन ने इस खोज को अरुणाचल प्रदेश की जैव विविधता में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि राज्य के वन क्षेत्रों में पाई जाने वाली प्रजातियों की विविधता इसकी प्राकृतिक संपदा को दर्शाती है।

इस ड्रैगनफ्लाई की पहली तस्वीर अक्टूबर २०२४ में नामदाफा क्षेत्र के मियाओ-विजयनगर मार्ग के किनारे खींची गई थी। शुरुआत में इसकी पहचान एक अन्य प्रजाति के रूप में की गई थी। हालांकि, बाद में किए गए वर्गीकरण संबंधी वैज्ञानिक परीक्षणों के बाद इसकी पहचान गाइनेकैंथा बेसिगुटाटा के रूप में पुष्टि की गई।

यह रिकॉर्ड भारत की ओडोनाटा सूची में भी योगदान देता है। ओडोनाटा समूह में ड्रैगनफ्लाई और डैम्सलफ्लाई जैसी प्रजातियां शामिल हैं। यह खोज अरुणाचल प्रदेश के अब भी बड़े पैमाने पर अन्वेषण से वंचित वन क्षेत्रों में आगे भी नई वैज्ञानिक खोजों की संभावनाओं को उजागर करती है।

नामदाफा राष्ट्रीय उद्यान एवं बाघ अभयारण्य अपनी असाधारण वनस्पति और वन्यजीव विविधता के लिए जाना जाता है। क्षेत्र से पहले भी कई महत्वपूर्ण वन्यजीव रिकॉर्ड सामने आ चुके हैं।

इस नई खोज ने राज्य में लगातार जैव विविधता सर्वेक्षण, वर्गीकरण संबंधी अनुसंधान और प्रजातियों के व्यवस्थित दस्तावेजीकरण की आवश्यकता को भी रेखांकित किया है।

चौना मीन ने कहा कि यह खोज नामदाफा के पारिस्थितिक महत्व को और मजबूत करती है तथा अरुणाचल प्रदेश को भारत के सबसे अधिक जैव विविधता वाले क्षेत्रों में से एक के रूप में स्थापित करने में योगदान देती है।

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