डिब्रूगढ़: संगीत, समावेशिता और मित्रता की शक्ति का उत्सव मनाने वाली पहल म्यूजिकएबिलिटी: संस्करण ४ का आयोजन शनिवार को असम मेडिकल कॉलेज, डिब्रूगढ़ स्थित डॉ. जॉन बेरी व्हाइट ऑडिटोरियम में किया गया।
असम मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन (एएमसीटीए) और असम मेडिकल कॉलेज स्टूडेंट्स यूनियन (एएमसीएसयू) के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में संगीतकारों, विद्यार्थियों, कलाकारों और समुदाय के सदस्यों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य संगीत प्रतिभा का उत्सव मनाने के साथ-साथ समावेशिता को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम में न्यूरोडाइवर्जेंट पियानोवादक देवांगा बिद्रुम कलिता और दृष्टिबाधित गायक विवेक शर्मा ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। मोरान ब्लाइंड स्कूल के विद्यार्थियों ने उद्घाटन प्रस्तुति दी, जिसने प्रतिभा, गरिमा और समावेशिता पर केंद्रित संगीतमय संध्या की शानदार शुरुआत की।
दर्शकों को शिलांग के प्रसिद्ध गायक-गीतकार लू मजॉ के साथ-साथ संगीत निर्देशक एवं अकॉर्डियन वादक रूपम तालुकदार, गिटारवादक रियाज अहमद और ड्रमर नीलोत्पल नाथ की प्रस्तुतियों का भी आनंद मिला।
राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित फिल्म निर्माता एवं समीक्षक उत्पल बोड़पुरजारी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
म्यूजिकएबिलिटी एक विनम्र पहल है, जिसका उद्देश्य एक ऐसा समावेशी मंच तैयार करना है, जहां दिव्यांग कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें और अपनी संगीत उत्कृष्टता के लिए पहचान प्राप्त कर सकें। यह पहल आशा, आनंद और गरिमा का वातावरण तैयार करने के साथ-साथ संगीत की परिवर्तनकारी शक्ति को रेखांकित करने का प्रयास करती है।
म्यूजिकएबिलिटी के पिछले संस्करणों का आयोजन नई दिल्ली के स्टीन ऑडिटोरियम, इंडिया हैबिटेट सेंटर तथा लखीमपुर के नारायणपुर स्थित माधवदेव विश्वविद्यालय में किया गया था।
यह पहल सांस्कृतिक संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों के साथ सहयोग कर दिव्यांगता अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा दिव्यांग कलाकारों को अधिक सहयोग, पहचान और संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम कर रही है।
म्यूजिकएबिलिटी के चौथे संस्करण का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि संगीत लोगों को एकजुट करने और अधिक समावेशी तथा संवेदनशील समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
अर्नब शर्मा
डिब्रूगढ़