तिनसुकिया: असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने गुरुवार को तिनसुकिया में ग्रीन ऑटोक्लेव्ड एरेटेड कंक्रीट (एएसी) ब्लॉक निर्माण संयंत्र का उद्घाटन किया। यह परियोजना ‘एडवांटेज असम २.०’ के तहत किए गए एक और निवेश वादे की पूर्ति है। केडी ग्रुप द्वारा लाइटब्रिक्स प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से स्थापित इस संयंत्र में ५५ करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। यह पिछले १५ वर्षों में तिनसुकिया जिले का सबसे बड़ा निजी क्षेत्र का निवेश है।
इस संयंत्र की वार्षिक उत्पादन क्षमता २ लाख घन मीटर है। इससे प्रतिवर्ष लगभग १० करोड़ लाल ईंटों का विकल्प उपलब्ध होने की उम्मीद है। इससे कृषि भूमि के संरक्षण में मदद मिलेगी और पर्यावरण के अनुकूल निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने कहा कि यह संयंत्र ऊपरी असम और अरुणाचल प्रदेश में निर्माण क्षेत्र की मांग को पूरा करेगा। उन्होंने बताया कि इस संयंत्र में ‘इनबिल्ट ग्रिड’ प्रणाली वाली एएसी ब्लॉक निर्माण तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जो एशिया में पहली बार अपनाई जा रही है।
इस संयंत्र से लगभग ८० लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार और ७५ अन्य लोगों को ठेकेदारों के माध्यम से रोजगार मिलने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, आपूर्तिकर्ताओं, विक्रेताओं, खुदरा कारोबारियों और अन्य संबंधित व्यवसायों के माध्यम से ५०० से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।
असम में औद्योगिक विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘एडवांटेज असम’ निवेश सम्मेलन के दौरान ५.१८ लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। इनमें से लगभग ३ लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं लागू की जा चुकी हैं या कार्यान्वयन की दिशा में आगे बढ़ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में औद्योगिक विकास की गति लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने बताया कि ऊर्जा, बुनियादी ढांचे, हाइड्रोकार्बन, इलेक्ट्रॉनिक्स, पर्यटन, स्वास्थ्य सेवाओं, खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र और कौशल विकास जैसे विभिन्न क्षेत्रों में निवेश किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने राज्य में चल रही प्रमुख औद्योगिक परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि नुमालीगढ़ रिफाइनरी की उत्पादन क्षमता को २८,००० करोड़ रुपये के निवेश से ३० लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर ९० लाख मीट्रिक टन प्रतिवर्ष किया जा रहा है। इसके अलावा, २७,००० करोड़ रुपये की लागत वाली टाटा सेमीकंडक्टर परियोजना और १०,६०० करोड़ रुपये की लागत से नामरूप उर्वरक संयंत्र की चौथी इकाई पर भी काम चल रहा है। उन्होंने बांस आधारित इथेनॉल संयंत्र की प्रगति का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगीकरण तभी सफल हो सकता है, जब स्थानीय लोगों का ईमानदार सहयोग प्राप्त हो। उन्होंने तिनसुकिया के लोगों से उद्योगों का स्वागत करने और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास के लिए बेहतर कानून-व्यवस्था, उद्यमियों को सहयोग और अनावश्यक दबाव से मुक्ति आवश्यक है।
डॉ. शर्मा ने कहा, “औद्योगीकरण रोजगार के अवसर पैदा करता है, अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाता है और राज्य के समग्र विकास को गति देता है।” उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन के मामले में औद्योगीकरण की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
जागीरोड में सेमीकंडक्टर परियोजना और छापर में ताप विद्युत परियोजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन बड़े निवेशों को आगे बढ़ाने में स्थानीय लोगों का सहयोग महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि बड़े उद्योगों के साथ-साथ छोटे और मध्यम उद्योगों का भी विकास होता है, जिससे रोजगार और आजीविका के अतिरिक्त अवसर पैदा होते हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार तिनसुकिया में कई नए उद्योग स्थापित करने के प्रस्तावों पर प्राथमिकता के आधार पर विचार कर रही है। उन्होंने जिले के लोगों से तिनसुकिया को एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र में बदलने के लिए सरकार का सहयोग करने की अपील की।
उद्घाटन समारोह में श्रम कल्याण मंत्री रामेश्वर तेली, विधायक संजय किसान, बोलिन चेतिया, पुलक गोहेन, रूपेश गोवाला, सुरेन फुकन और तरंगा गोगोई, लाइटब्रिक्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक दिलीप गोयनका सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।