मित्र संघ दुर्गा पूजा में दिखेगी कामाख्या मंदिर के अंबुबाची मेले की झलक

डिब्रूगढ़: डिब्रूगढ़ के ग्राहम बाजार मित्र संघ पूजा समिति ने इस वर्ष दुर्गा पूजा के लिए गुवाहाटी स्थित प्रसिद्ध कामाख्या मंदिर के अंबुबाची मेले को मुख्य विषय के रूप में चुना है। इसके माध्यम से नीलाचल पहाड़ी की आध्यात्मिक परंपराओं और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को डिब्रूगढ़ में प्रदर्शित किया जाएगा।

वर्ष १९८४ में स्थानीय निवासियों द्वारा शुरू की गई यह दुर्गा पूजा इस वर्ष अपने ४५वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। समय के साथ यह डिब्रूगढ़ के प्रमुख दुर्गा पूजा आयोजनों में शामिल हो गई है। अपने अनूठे विषयों और आकर्षक पंडाल सजावट के कारण यह पूजा श्रद्धालुओं और दर्शकों को आकर्षित करती रही है।

इस वर्ष पंडाल में अंबुबाची मेले के विभिन्न पहलुओं को दर्शाया जाएगा। गुवाहाटी स्थित कामाख्या मंदिर में आयोजित होने वाला अंबुबाची मेला एक प्रमुख धार्मिक उत्सव है। पंडाल में मेले के आध्यात्मिक वातावरण के साथ-साथ मंदिर में जुटने वाले साधु-संतों और तांत्रिकों की उपस्थिति को भी प्रदर्शित किया जाएगा।

समिति के एक आयोजक ने बताया कि रचनात्मक पंडाल निर्माण, पारंपरिक ढाक की थाप और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से नीलाचल पहाड़ी की आध्यात्मिक अनुभूति तथा समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत करने का प्रयास किया जा रहा है।

आयोजक ने कहा कि प्रत्येक वर्ष असम के विभिन्न हिस्सों से लोग समिति की अनूठी थीम और आकर्षक सजावट को देखने आते हैं। समिति हर वर्ष कुछ नया प्रस्तुत करने का प्रयास करती है। इसके कई विषयों और सजावट को श्रद्धालुओं तथा दर्शकों से सराहना मिली है।

आयोजकों ने पर्यावरण के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पंडाल निर्माण में पर्यावरण-अनुकूल सामग्रियों के इस्तेमाल पर भी जोर दिया है।

ग्राहम बाजार मित्र संघ की दुर्गा पूजा में प्रत्येक वर्ष उत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और दर्शकों की भीड़ उमड़ती है। समिति को इस वर्ष भी इसी तरह की प्रतिक्रिया मिलने की उम्मीद है। आयोजकों के अनुसार, डिब्रूगढ़ के अलावा असम के अन्य हिस्सों से भी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है।

आयोजक ने कहा, “हम अपनी पूजा में सभी का स्वागत करते हैं। प्रत्येक वर्ष हम पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए उत्सव का आयोजन करते हैं। लोग हमारी पूजा और हमारे द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली थीम की सराहना करते हैं।”

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