[मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की, अधिकारियों को गुणवत्ता और तेजी बनाए रखने का निर्देश]
डिब्रूगढ़: असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को डिब्रूगढ़ के खानिकर में निर्माणाधीन असम विधानसभा परिसर का निरीक्षण किया और परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। राज्य सरकार की डिब्रूगढ़ को असम की दूसरी राजधानी के रूप में विकसित करने की योजना के तहत इस परिसर का निर्माण कार्य अगले ३० महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
लगभग ६३ बीघा भूमि पर प्रस्तावित इस परिसर में मुख्य विधानसभा भवन, विधायकों के आवास, ८०० सीटों वाला सभागार, सचिवालय भवन तथा अन्य सहायक बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को उचित योजना, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और निर्माण की उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया।
सरमा ने परिसर की वास्तुकला में कुछ बदलाव करने का भी सुझाव दिया। विशेष रूप से उन्होंने भवन के सामने के हिस्से की बनावट और परिसर के सौंदर्यीकरण पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने जोर दिया कि भवन की वास्तुकला में लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा और प्रगतिशील असम की आकांक्षाओं की झलक दिखाई देनी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान प्रस्तुत प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, अब तक लगभग २० प्रतिशत पाइलिंग कार्य पूरा हो चुका है, जबकि चारदीवारी के निर्माण में भी प्रगति हुई है। मुख्यमंत्री ने कार्यकारी एजेंसियों के समक्ष मौसम संबंधी चुनौतियों सहित विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजना को पूरा किया जाए और इस दौरान निर्माण की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।
प्रस्तावित मास्टर प्लान के अनुसार, विधानसभा भवन में भूतल के अलावा दो ऊपरी मंजिलें होंगी, जबकि विधायक छात्रावास में भूतल के ऊपर नौ मंजिलें बनाई जाएंगी। सभागार और सचिवालय भवन में भी भूतल के अतिरिक्त दो-दो ऊपरी मंजिलें होंगी। परिसर में सहायक बैरक, आंतरिक सड़कें, हरित क्षेत्र, पार्किंग की व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
इस परियोजना को ऊपरी असम में प्रशासनिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और क्षेत्र के लोगों के करीब महत्वपूर्ण सरकारी कार्यों को लाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
विधानसभा परिसर के निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री सरमा ने खानिकर में निर्माणाधीन बहु-विषयक खेल परिसर का भी दौरा किया। इस दौरान उन्होंने वहां उपलब्ध सुविधाओं, निर्माण कार्य की प्रगति और समग्र गुणवत्ता का जायजा लिया।
नवनिर्मित स्टेडियम में फिलहाल लगभग ५,००० दर्शकों के बैठने की क्षमता है। व्यापक विकास योजना के तहत भविष्य में इसकी क्षमता बढ़ाकर लगभग ३५,००० दर्शकों तक करने का प्रस्ताव है।
निरीक्षण के दौरान पत्रकारों ने मुख्यमंत्री के संज्ञान में कई कमियां लाईं। इनमें दर्शक दीर्घा की संकरी और अधिक ढलान वाली सीढ़ियां, सैनिटरी फिटिंग्स की गुणवत्ता को लेकर चिंताएं, स्विमिंग पूल में तापमान नियंत्रण की अपर्याप्त व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था और जलस्तर प्रबंधन से जुड़ी समस्याएं तथा इनडोर स्टेडियम की छत से पानी का रिसाव शामिल हैं।
खेल परिसर का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों को इन खामियों को दूर करने तथा आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने निर्धारित मानकों के अनुरूप खेल संबंधी बुनियादी सुविधाओं की गुणवत्ता बनाए रखते हुए निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा करने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने खेल परिसर को विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त केंद्र के रूप में विकसित करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह परिसर भविष्य की खेल प्रतिभाओं को निखारने के साथ-साथ युवा खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में सक्षम होना चाहिए।
खानिकर में प्रस्तावित दोनों परियोजनाएं डिब्रूगढ़ के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार के व्यापक एजेंडे का हिस्सा हैं। जहां विधानसभा परिसर से डिब्रूगढ़ की असम की दूसरी राजधानी के रूप में प्रस्तावित भूमिका को मजबूती मिलने की उम्मीद है, वहीं खेल परिसर के माध्यम से क्षेत्र में खेलकूद के अवसरों का विस्तार किया जाएगा।